केंद्रीय मंत्रियों से मिले CM यादव: कूनो में आएगा असम का जंगली भैंसा- बोत्सवाना से 8 चीते; गेहूं उपार्जन पर बनी रणनीति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट, असम से जंगली भैंसा लाने की योजना और मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन व भंडारण व्यवस्था पर अहम चर्चा की।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से CM मोहन यादव ने मुलाकात की। इस दौरान किसान कल्याण वर्ष, गेहूं उपार्जन एवं सुदृढ़ भंडारण व्यवस्था पर चर्चा हुई।
गुरजीत कौर की रिपोर्ट: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को नई दिल्ली दौरे पर रहे, जहां उन्होंने केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन विकास के साथ-साथ गेहूं उपार्जन और भंडारण व्यवस्था पर भी मंथन हुआ।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से अलग-अलग बैठकें कीं।
असम का जंगली भैंसा मध्यप्रदेश लाने की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन, रिजर्व फॉरेस्ट विस्तार और वन्यजीव संरक्षण की अपार संभावनाएं हैं। नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण की दिशा में निरंतर कदम उठा रही है।
उन्होंने बताया कि श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों की सफल बसाहट के बाद अब असम से जंगली भैंसा मध्यप्रदेश लाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से आवश्यक प्रक्रियाओं और अनुमति को लेकर गहन चर्चा हुई है।
बोत्सवाना से 8 चीते लाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इसी महीने 28 फरवरी के आसपास बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। चीतों के पुनर्स्थापन कार्यक्रम को लेकर केंद्र सरकार से सभी जरूरी सहयोग और व्यवस्थाओं पर सहमति बनी है।
गेहूं उपार्जन और भंडारण पर केंद्र से सहयोग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात के बाद कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में किसान कल्याण वर्ष मना रही है। मध्यप्रदेश में जल्द ही गेहूं के उपार्जन और भंडारण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की गेहूं उपार्जन व्यवस्था देश के अन्य राज्यों की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और मजबूत है। पर्याप्त भंडारण क्षमता के साथ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मध्यप्रदेश को गेहूं उपार्जन में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।