फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और RPF का बड़ा एक्शन: ट्रेन के अटेंडर से 311 दुर्लभ कछुए जब्त, अंतरराज्यीय तस्करी का खुलासा
भोपाल में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, RPF और स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में पटना–इंदौर एक्सप्रेस से 311 दुर्लभ कछुए जब्त किए गए। आरोपी ट्रेन अटेंडर निकला, मामले की जांच STF कर रही है।
Patna-Indore Express: भोपाल में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, RPF और स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में 311 दुर्लभ कछुए जब्त किए गए। (Image- AI)
गुरजीत कौर की रिपोर्ट: राजधानी भोपाल में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग, RPF और स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान में रेलवे ट्रेन से 311 दुर्लभ कछुए जब्त किए गए हैं।
चौंकाने वाली बात यह रही कि तस्करी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि ट्रेन के अटेंडर ने ही की थी। आरोपी की पहचान अजय सिंह राजपूत के रूप में हुई है, जो उसी कोच में ड्यूटी पर तैनात था।
आरपीएफ द्वारा नियमित जांच के दौरान आरोपी के सामान की तलाशी ली गई, जिसमें दो बैगों में भरे सैकड़ों दुर्लभ कछुए पाए गए। इसके बाद तत्काल मामले की सूचना वन विभाग को दी गई। यह कार्रवाई पटना-इंदौर एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में की गई।
अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की आशंका
शुरुआती जांच में मामला अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अब पूरे केस की विस्तृत जांच स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) को सौंपी गई है। आरोपी से गहन पूछताछ जारी है।
कोर्ट में पेशी और कछुओं की स्थिति
4 फरवरी को आरोपी को अदालत में पेश किया गया। जब्त किए गए सभी कछुओं की पशु चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल परीक्षण पूरा होने के बाद इन्हें सुरक्षित रूप से उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
कुख्यात मन्नीवन्नन मुरुगेशन केस से जुड़ता तार
देशभर में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। इसी कड़ी में हाल ही में कछुओं और जलीय जीवों की तस्करी से जुड़े कुख्यात अपराधी मन्नीवन्नन मुरुगेशन (Mannivannan Murugesan) के थाईलैंड प्रत्यर्पण को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 6 जनवरी 2026 को मंजूरी दी थी।
मुरुगेशन की गिरफ्तारी स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) ने की थी। पूछताछ में उसके अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि उसके खिलाफ थाईलैंड में भी अवैध वन्यजीव तस्करी के गंभीर मामले दर्ज हैं।
साल 2012 में मुरुगेशन को बैंकॉक एयरपोर्ट से 900 दुर्लभ कछुओं के साथ पकड़ा गया था, लेकिन कानूनी खामियों के चलते वह छूट गया। बाद में इंटरपोल द्वारा उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया गया।