Indore Cancer Report: बायोप्सी डेटा के चौंकाने वाले आंकड़े, महिलाओं में ब्रेस्ट- पुरुषों में हेड-नेक कैंसर सबसे आगे

इंदौर स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में किए गए बायोप्सी सैंपल्स के विश्लेषण से कैंसर के ट्रेंड को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।

Updated On 2026-02-04 14:51:00 IST

Indore Cancer Report

तेजी से विकसित हो रहे शहर इंदौर में बदलती जीवनशैली, पर्यावरणीय प्रभाव और स्वास्थ्य से जुड़ी आदतें अब कैंसर के पैटर्न को साफ तौर पर प्रभावित कर रही हैं। देशभर में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है और आज भी टिशू बायोप्सी को कैंसर की सबसे सटीक और भरोसेमंद जांच विधि माना जाता है। बायोप्सी से मिलने वाला डेटा न केवल बीमारी की पुष्टि करता है, बल्कि यह भी बताता है कि किन अंगों में कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा है।

इंदौर स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में किए गए बायोप्सी सैंपल्स के विश्लेषण से कैंसर के ट्रेंड को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। यह अध्ययन शहर में कैंसर की बढ़ती चुनौती को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत देता है।

1445 बायोप्सी सैंपल्स की जांच, 35% में कैंसर की पुष्टि

कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल, इंदौर में डॉ. शिल्पी दोसी (कंसल्टेंट – हिस्टोपैथोलॉजी) द्वारा किए गए हालिया अध्ययन में कुल 1445 बायोप्सी सैंपल्स की जांच की गई। इनमें से 515 केस (करीब 35.6%) मैलिग्नेंट यानी कैंसर पॉजिटिव पाए गए।

इस अध्ययन में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि कैंसर के मामलों में स्तन कैंसर सबसे अधिक दर्ज किया गया, जो बदलती जीवनशैली से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।

इन अंगों में सबसे ज्यादा मिला कैंसर

बायोप्सी रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर में कैंसर की सबसे अधिक पॉजिटिविटी इन अंगों में पाई गई—

  1. स्तन (Breast) के 126 मामलों में से 95 केस यानी लगभग 75% पॉजिटिव रहे।
  2. हेड एंड नेक के 346 मामलों में से 198 केस यानी 57% पॉजिटिव पाए गए।
  3. फेफड़ों (Lung) के 286 मामलों में 84 केस यानी करीब 30% पॉजिटिव रहे।
  4. प्रोस्टेट के 207 मामलों में से 52 केस यानी 25% कैंसर पॉजिटिव पाए गए।

ये आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और पुरुषों में हेड एंड नेक व लंग कैंसर इंदौर में सबसे आम होते जा रहे हैं।

इंदौर में बढ़ते कैंसर के मुख्य कारण

ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे देर से विवाह, देर से मातृत्व, कम स्तनपान, मानसिक तनाव और हार्मोनल बदलाव जैसे कारण सामने आ रहे हैं। पुरुषों में हेड एंड नेक कैंसर का प्रमुख कारण तंबाकू, गुटखा, धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन माना जा रहा है।

लंग कैंसर अब सिर्फ धूम्रपान करने वालों तक सीमित नहीं रहा। बायोप्सी डेटा में एडेनोकार्सिनोमा सबसे सामान्य प्रकार पाया गया, जो वायु प्रदूषण, धूल, मिट्टी और पर्यावरणीय कारकों की गंभीर भूमिका की ओर इशारा करता है।

फ्रोजन सेक्शन तकनीक से सटीक इलाज संभव

कैंसर सर्जरी में फ्रोजन सेक्शन एनालिसिस एक आधुनिक और भरोसेमंद तकनीक के रूप में उभरी है। कोकिलाबेन अस्पताल, इंदौर में अब तक 610 फ्रोजन सेक्शन किए जा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक हेड एंड नेक कैंसर के केस शामिल रहे, जबकि ब्रेस्ट कंजरविंग, ब्रेन और गायनेकोलॉजी सर्जरी में भी इसका उपयोग किया गया। करीब 95.5% सटीकता के साथ यह तकनीक ऑपरेशन के दौरान ही कैंसर की पुष्टि कर देती है, जिससे दोबारा सर्जरी की जरूरत कम होती है और मरीज को बेहतर इलाज मिल पाता है।

बायोप्सी को लेकर जागरूकता जरूरी

अक्सर लोग डर या भ्रम की वजह से बायोप्सी कराने से बचते हैं, जबकि यही जांच कैंसर की सही पहचान में सबसे अहम भूमिका निभाती है। समय पर बायोप्सी से बीमारी की गंभीरता को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ा जा सकता है और इलाज आसान हो जाता है।

कोकिलाबेन अस्पताल, इंदौर के बायोप्सी आंकड़े यह स्पष्ट संदेश देते हैं कि लाइफस्टाइल कैंसर की सबसे बड़ी वजह बनती जा रही है। खासतौर पर महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की नियमित जांच जरूर करानी चाहिए। मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए यह समय बेहद जरूरी हो गया है कि लोग नियमित हेल्थ चेकअप कराएं, तंबाकू और धूम्रपान से दूरी बनाएं, संतुलित जीवनशैली अपनाएं और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।

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