भ्रष्टाचार पर वार: पंचकूला के रायपुरानी के तहसीलदार गिरफ्तार, कोर्ट स्टे के बावजूद की 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री

जिस भूमि की रजिस्ट्री की गई, वह 2017 से CBI जांच के घेरे में थी और उस पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया था। इसके बावजूद तहसीलदार ने नियमों के खिलाफ जाकर भूमि का हस्तांतरण कर दिया।

Updated On 2026-01-31 16:04:00 IST

पंचकूला की रायपुरानी तहसील। 

हरियाणा के पंचकूला जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रायपुरानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है। तहसीलदार पर आरोप है कि उन्होंने न्यायिक आदेशों की अवहेलना कर 17 बीघा जमीन की अवैध रूप से रजिस्ट्री करवाई। इस गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

स्टे के बावजूद हुई रजिस्ट्री

एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि यह पूरा प्रकरण साल 2017 से जुड़ा है। दरअसल, जिस 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री की गई, वह विवादित थी और उस पर सीबीआई (CBI) जांच चल रही थी। जांच के चलते कोर्ट ने उस भूमि के हस्तांतरण पर पूरी तरह से रोक (स्टे) लगा दी थी। इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर तहसीलदार विक्रम सिंगला ने हांसी के बड़ाला गांव के एक व्यक्ति के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कर दी।

रिमांड के दौरान खुलेंगे राज

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी तहसीलदार को आज पंचकूला कोर्ट में पेश करेगी। जांच टीम की कोशिश रहेगी कि तहसीलदार को रिमांड पर लिया जाए ताकि इस खेल में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। सूत्रों की मानें तो इस रजिस्ट्री कांड में कुछ बड़े अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत की भी आशंका है, जिसकी जांच रिमांड के दौरान की जाएगी।

विवादों से पुराना नाता

विक्रम सिंगला वर्तमान में रायपुरानी में तैनात थे, लेकिन इससे पहले वे अंबाला, कालका और पंचकूला की विभिन्न तहसीलों में लंबी सेवाएं दे चुके हैं। सिंगला का ताल्लुक एक रसूखदार परिवार से है, उनके पिता पंजाब में उच्च पदों पर आसीन रहे हैं। फिलहाल वे चंडीगढ़ के सेक्टर-27 में सपरिवार रहते हैं। यह पहली बार नहीं है जब विक्रम सिंगला विवादों में आए हैं। साल 2022 में जब वे कालका में तैनात थे, तब उन पर आरटीआई (RTI) के तहत जानकारी न देने के गंभीर आरोप लगे थे। राज्य सूचना आयोग ने उन पर प्रतिदिन 250 रुपये जुर्माना लगाने की चेतावनी देते हुए उन्हें तलब भी किया था।

ACB की सख्ती से हड़कंप

इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भू-राजस्व के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीबीआई जांच वाली जमीन की रजिस्ट्री करना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। अब एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि इस सौदे के बदले कितनी मोटी रकम का लेन-देन हुआ।

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