लाडो लक्ष्मी योजना में बड़ा बदलाव: अब महिलाओं को खाते में मिलेंगे 1100 रुपये और 1000 की होगी FD
अब 10वीं-12वीं में 80% अंक लाने वाले बच्चों और कुपोषण से बच्चों को बचाने वाली माताओं को भी इस योजना से जोड़ा गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए भी 659 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि और सब्सिडी जारी की।
लाडो लक्ष्मी योजना में हरियाणा सरकार ने फिर से नियम बदला।
हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने महिलाओं के लिए शुरू की गई 'पंडित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना' के स्वरूप में एक बड़ा परिवर्तन किया है। अब राज्य की लाभार्थी महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली सहायता राशि के वितरण का तरीका बदल जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह नया नियम फरवरी माह से प्रभावी होगा।
2100 की राशि को दो हिस्सों में बांटा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब महिलाओं को मिलने वाली 2100 की राशि को दो हिस्सों में बांटा गया है। अब लाभार्थी महिलाओं के बैंक खाते में सीधे 1100 रुपये भेजे जाएंगे, जबकि शेष 1000 रुपये को सरकार उनके नाम पर RD (आवर्ती जमा) या FD (सावधि जमा) के रूप में निवेश करेगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार यह कदम महिलाओं के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी दुर्भाग्यवश स्थिति में लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो जमा की गई यह पूरी राशि तुरंत उनके नामित व्यक्ति (नॉमिनी) को सौंप दी जाएगी।
181 करोड़ की तीसरी किस्त और नए लाभार्थियों को मौका मिलेगा
सरकार ने इस योजना के तहत 8 लाख 63 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में 181 करोड़ रुपये की तीसरी किस्त सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दी है। अब तक कुल तीन किस्तों में 441 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए घोषणा की कि जिन माताओं के बच्चों ने सरकारी स्कूल की 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में 80% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। 'निपुण भारत मिशन' के तहत कक्षा 1 से 4 तक के मेधावी बच्चों की माताएं भी पात्र होंगी। कुपोषण की श्रेणी से अपने बच्चों को बाहर निकालने वाली माताओं को भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
किसानों के लिए 659 करोड़ का बड़ा तोहफा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केवल महिलाओं ही नहीं बल्कि अन्नदाताओं के लिए भी खजाना खोला गया। सीएम सैनी ने कृषि क्षेत्र की 5 महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए 659 करोड़ रुपये जारी किए।
• फसल अवशेष प्रबंधन: पराली न जलाने वाले 5.54 लाख किसानों को ₹461.75 करोड़ दिए गए। साथ ही मशीनों की खरीद पर ₹85.10 करोड़ की सब्सिडी जारी की गई।
• धान की सीधी बुआई: इस तकनीक को अपनाने वाले 31 हजार किसानों को ₹75.54 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिली।
• अन्य योजनाएं : 'मेरा पानी मेरी विरासत' के लिए ₹15.75 करोड़ और सब्जी उत्पादकों को 'भावांतर भरपाई योजना' के तहत 20 करोड़ की मदद दी गई।
पंजाब की राजनीति और AAP-कांग्रेस पर साधा निशाना
राजनीतिक मुद्दों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन उनकी नीतियां जनता के हित में नहीं हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली के पूर्व सीएम ने प्रदूषण के लिए हमेशा हरियाणा और पंजाब के किसानों को दोषी ठहराया, जबकि उन्हें पराली प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए थे।
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