पंचकूला की बड़ी उपलब्धि: हरियाणा में बेटियों को बचाने में नंबर-1 जिला बना, लिंगानुपात में दर्ज की ऐतिहासिक छलांग
भ्रूण लिंग जांच रोकने के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों को कड़ी निगरानी में रखा गया है। साथ ही, अवैध लिंग जांच की सूचना देने वाले को 1 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
हरियाणा, जो कभी गिरते लिंगानुपात के लिए चर्चा में रहता था, वहां से अब एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। साल 2025 के आंकड़ों के अनुसार पंचकूला जिला लिंगानुपात (Sex Ratio) के मामले में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर काबिज हो गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक पंचकूला में प्रति 1000 लड़कों के मुकाबले 971 लड़कियों ने जन्म लिया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है क्योंकि साल 2024 में यह आंकड़ा मात्र 915 था, जिसके साथ जिला राज्य में तीसरे पायदान पर था। महज एक वर्ष के भीतर दर्ज की गई यह छलांग स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी और समाज में आती जागरूकता का परिणाम है।
सख्त निगरानी से रुके 150 से अधिक गर्भपात
पंचकूला की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुक्ता ने इस सफलता का श्रेय बेहतर ट्रैकिंग सिस्टम को दिया है। उन्होंने बताया कि विभाग ने रणनीति के तहत हर गर्भवती महिला का विवरण गर्भावस्था के शुरुआती 3 महीनों के भीतर ही पोर्टल पर दर्ज करना सुनिश्चित किया।
इस सख्ती का असर आंकड़ों में साफ झलकता है। साल 2024 में 12 सप्ताह (3 माह) के गर्भ के बाद 335 अबॉर्शन के मामले सामने आए थे, जो संदिग्ध थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की कड़ी निगरानी के चलते साल 2025 में यह संख्या घटकर केवल 151 रह गई। यानी सीधे तौर पर 150 से अधिक संभावित कन्या भ्रूण हत्याओं को रोकने में कामयाबी मिली।
डेटा छिपाने वाले डॉक्टरों पर गिरी गाज
स्वास्थ्य विभाग ने केवल जागरूकता पर ही नहीं, बल्कि दंडात्मक कार्रवाई पर भी जोर दिया है। डॉ. मुक्ता ने जानकारी दी कि ऐसे दो डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करवाई गई है, जिन्होंने 12 सप्ताह की गर्भवती महिला की जानकारी विभाग से साझा नहीं की और नियमों का उल्लंघन किया। नियमों के अनुसार हर गर्भवती महिला का पंजीकरण अनिवार्य है। विभाग की इस कड़ाई के कारण साल 2025 में पहले तिमाही में रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं की संख्या में 35 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई है।
राडार पर रहेंगे अल्ट्रासाउंड सेंटर्स
पंचकूला के सीमावर्ती इलाकों में भ्रूण लिंग जांच की अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिलती रही हैं। हाल ही में हुई छापेमारी में भी ऐसे कुछ मामलों की पुष्टि हुई है। इसे देखते हुए सिविल सर्जन ने सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर्स को कड़ी निगरानी और सर्विलांस पर रखने के आदेश दिए हैं। विशेष रूप से उन केंद्रों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी, जिनका पिछला रिकॉर्ड संदिग्ध रहा है या जहां से पहले भी शिकायतें आती रही हैं।
मुखबिरों के लिए 1 लाख का इनाम
भ्रूण लिंग जांच जैसे जघन्य अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित की है। सीएमओ ने घोषणा की है कि जो भी व्यक्ति अवैध लिंग जांच की सटीक जानकारी विभाग को देगा, उसे 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी, ताकि वह बिना किसी डर के इस सामाजिक बुराई के खिलाफ आवाज उठा सके।
पंचकूला की यह सफलता दर्शाती है कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर काम करें, तो 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का नारा धरातल पर सच साबित हो सकता है।
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