नूंह: मुस्लिम युवती और हिंदू युवक के प्रेम विवाह के बाद तनाव गहराया, कई हिंदू परिवारों का पलायन
इस विवाह से नाराज होकर युवक के परिवार और उनके कुनबे के 6 परिवारों को जान बचाने के लिए गांव छोड़कर पलायन करना पड़ा है। पाड़ला गांव में पीड़ित परिवारों के घरों पर ताले लटके हैं और वहां सन्नाटा पसरा है।
हरियाणा के नूंह जिले में एक मुस्लिम युवती और हिंदू युवक के प्रेम विवाह के बाद सांप्रदायिक माहौल गर्मा गया है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि युवक के परिजनों के साथ-साथ उनके कुनबे के करीब आधा दर्जन परिवारों को अपनी सुरक्षा की खातिर गांव छोड़कर जाना पड़ा है। वर्तमान में पाड़ला गांव के इन घरों में ताले लटक रहे हैं और पूरा मोहल्ला वीरान नजर आ रहा है।
शादी के बाद बढ़ा विवाद
विवाद की जड़ फिरोजपुर झिरका तहसील के पाड़ला गांव से जुड़ी है। यहां के रहने वाले अनुसूचित जाति के युवक मोहित और स्थानीय युवती नजराना ने बीते 12 जनवरी 2026 को प्रेम विवाह कर लिया था। जानकारी के अनुसार, दोनों ने आपसी सहमति से अदालत में अपनी शादी पंजीकृत कराई और सुरक्षा की गुहार भी लगाई। जैसे ही इस विवाह की सूचना गांव में फैली, युवती के पक्ष के लोग और स्थानीय समुदाय के कुछ लोग विरोध पर उतर आए। आरोप है कि लड़के के परिवार पर सामाजिक दबाव बनाया गया और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं, जिस कारण कई परिवार गांव से पलायन कर गए।
युवती ने वीडियो के जरिए विधायक को घेरा
इसी गहमागहमी के बीच अब नजराना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उसने अपनी आपबीती सुनाई है। युवती ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह पूरी तरह बालिग है और उसने अपनी मर्जी से यह कदम उठाया है। उसने अपने परिवार और स्थानीय विधायक मामन खान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक उसके दूर के रिश्तेदार हैं और उन्हीं के प्रभाव में आकर मोहित के परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। नजराना ने यह भी दावा किया कि विधायक और उसके परिजनों ने कोर्ट को गुमराह करने के लिए उसकी उम्र का गलत प्रमाण पत्र भी पेश किया है।
चोरी के आरोपों पर दी सफाई
वीडियो संदेश में नजराना ने उन आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि वह घर से कीमती जेवर और नकदी लेकर फरार हुई है। उसने बताया कि वह अपने साथ केवल आधार कार्ड और जरूरी कागजात लेकर आई है। युवती ने प्रशासन, राज्य सरकार और हिंदू संगठनों से हाथ जोड़कर विनती की है कि उसके पति के परिवार को सुरक्षा दी जाए और उन्हें वापस उनके घर में सम्मान के साथ बसाया जाए। उसने विधायक से भी अपील की है कि वे उसे और उसके ससुराल पक्ष को परेशान करना बंद करें क्योंकि वह अपने पति के साथ खुश है।
प्रशासन की भूमिका और मांग
इस घटनाक्रम के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों और अनुसूचित जाति समाज के लोगों में भारी रोष देखा जा रहा है। संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पलायन कर चुके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। दूसरी ओर, फिरोजपुर झिरका के सदर थाना प्रभारी ने बताया कि अभी तक उनके पास किसी भी पक्ष से कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने पर मामले की गहराई से जांच की जाएगी और कानून सम्मत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
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