गुरुग्राम की हवा हुई जानलेवा: AQI 417 के साथ गंभीर श्रेणी में पहुंचा प्रदूषण का स्तर, GRAP-4 के कड़े नियम लागू
बीएस-4 डीजल वाहनों और भारी ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया। सड़कों पर धूल कम करने के लिए एंटी-स्मॉग गन और पानी का छिड़काव हो रहा। स्कूलों को हाइब्रिड मोड पर चलाने और दफ्तरों के समय में बदलाव के निर्देश दिए।
गुरुग्राम में खुले में रखी निर्माण सामग्री।
गुरुग्राम में एक बार फिर प्रदूषण का संकट गहरा गया है। रविवार की सुबह शहर के लिए बेहद चिंताजनक रही, जहां कोहरे और धुएं की चादर ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। सेक्टर 51 स्थित मॉनिटरिंग स्टेशन पर सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक 417 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्तर गंभीर श्रेणी में आता है, जो स्वस्थ लोगों के लिए भी खतरनाक है और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए काफी कष्टदायक साबित हो सकता है।
गुरुग्राम सहित पूरे दिल्ली-एनसीआर में पाबंदियां लागू
लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने गुरुग्राम सहित पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी ग्रेप के चौथे चरण की सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। बढ़ते प्रदूषण के पीछे मुख्य रूप से वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन, निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक धुआं और कचरा जलाने जैसी घटनाएं जिम्मेदार हैं। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां और हवा की धीमी गति ने इस जहरीली हवा को और अधिक घातक बना दिया है।
प्रशासन की सख्ती और निर्माण कार्यों पर रोक
गुरुग्राम के जिला उपायुक्त अजय कुमार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने शहर में किसी भी प्रकार के निर्माण या तोड़फोड़ कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके साथ ही बीएस-4 डीजल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है और बाहरी ट्रकों के प्रवेश को भी नियंत्रित किया जा रहा है। सड़कों पर धूल को बैठने के लिए पानी का छिड़काव करने और एंटी-स्मॉग गन का निरंतर इस्तेमाल करने के आदेश दिए गए हैं।
स्कूल और दफ्तरों के लिए नई व्यवस्था
प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए प्रशासन ने स्कूलों को हाइब्रिड मोड पर चलाने और कार्यालयों के समय में बदलाव करने की संभावनाओं पर जोर दिया है। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि ऑनलाइन उत्सर्जन सिस्टम की जांच की जा सके और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा सके। जिला उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और कोताही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।
कई जगह देखने को मिल रही लापरवाही
प्रशासनिक सख्ती के बावजूद जमीन पर कई जगह लापरवाही देखने को मिल रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों जैसे सेक्टर 111 और सेक्टर 64 में अब भी निर्माण कार्य और मिट्टी के ढेर खुले में पड़े देखे जा रहे हैं। नगर निगम के डंपर बिना ढके कचरा ढो रहे हैं जिससे धूल और गंदगी हवा में मिल रही है। गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर नियमित सफाई न होने से धूल उड़ रही है, वहीं हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक तक लगने वाले जाम के कारण वाहनों का धुआं स्थिति को और बिगाड़ रहा है।
बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज में सुधार नहीं हुआ तो वायु गुणवत्ता का स्तर और भी नीचे गिर सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और यदि बाहर जाना जरूरी हो तो मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। साथ ही निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की अपील की गई है ताकि प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी लाई जा सके।
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