चेक बाउंस मामला: दिल्ली हाईकोर्ट से राजपाल यादव को बड़ा झटका, 4 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश
Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस केस में 4 फरवरी 2026 तक सरेंडर करने का आदेश दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को चेक बाउंस केस में दिया सरेंडर करने का आदेश
Delhi High Court: बॉलीवुड के अभिनेता राजपाल यादव पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें 4 फरवरी तक संबंधित जेल अधीक्षक के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने उनके प्रति यह रवैया चेक बाउंस जुड़े से एक मामले में अपनाया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने राजपाल यादव के आचरण पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उनके व्यवहार को निंदनीय बताया। अदालत ने कहा कि बार-बार मौका दिए जाने और उदारता दिखाने के बाद भी राजपाल यादव शिकायतकर्ता को भुगतान करने में असफल रहे। अभिनेता राजपाल यादव को मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को भुगतान करना था।
यह पूरा मामला उनका और उनकी पत्नी द्वारा दायर उन याचिकाओं से जुड़ा है, जिसमें इन्होंने चेक बाउंस के मामले में हुई सजा को चुनौती दी थी। इस मामले में निचली अदालत ने दोनों लोगों को 6-6 महीने की सजा सुनाई थी। लेकिन 28 जून 2024 को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में सजा पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि यादव दंपति कोई आदतन अपराधी नहीं हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट अपने आदेश में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि जून 2024 से अब तक राजपाल यादव भुगतान करने के लिए लगातार समय मांगते रहे और हर बार अपने वादे से मुकरते रहे। उन्होंने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि कुल 2.5 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा। जिसके तहत 40 लाख रुपए एक साथ 2.10 करोड़ रुपए अलग अलग किस्तों में शामिल थे। लेकिन इसके बाद भी तय समय के भीतर धनराशि जमा नहीं की गई। अदालत ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता जब खुद अपनी देनदारी स्वीकार कर चुका है तो बार-बार रियायत देने का कोई मतलब नहीं है।
कोर्ट ने राजपाल यादव को 4 फरवरी 2026 को शाम 4 बजे तक संबंधित जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। अदालत का यह फैसला थोड़ा सा राजपाल यादव के हित में है क्योंकि तब तक वह निचली अदालत द्वारा दी गई सजा भुगत सकेंगे। उन्हें 4 फरवरी तक का समय उनके वकील के अनुरोध पर दिया गया है। क्योंकि उनके वकील ने कोर्ट में दलील दी कि फिलहाल अभिनेता राजपाल यादव मुंबई में पेशेवर में व्यस्त हैं। वहीं इस मामले की अगली सुनवाई 5 जनवरी 2026 को होगी। इस सुनवाई में जेल अधीक्षक से अनुपालन की रिपोर्ट मांगी जाएगी।