इंटरनेट नेटवर्क की समस्या: ट्रायल के बाद रजिस्ट्री दफ्तर हुए पेपरलेस, माय डीड ऑनलाइन सिस्टम लागू

छत्तीसगढ़ के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों को 10 जुलाई से पेपरलेस करते हुए माय डीड ऑनलाइन सिस्टम लागू कर दिया गया है।

Updated On 2025-07-19 11:29:00 IST

 ट्रायल के बाद रजिस्ट्री दफ्तर हुए पेपरलेस

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों को 10 जुलाई से पेपरलेस करते हुए माय डीड ऑनलाइन सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस नए सिस्टम की शुरुआत पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के कुछ शहरों के रजिस्ट्री दफ्तरों में की गई थी। इन दफ्तरों में नए सिस्टम को मिली सफलता के बाद इसे अब प्रदेशभर के रजिस्ट्री दफ्तरों में लागू किया गया है।

हालांकि तकनीकी तथा इंटरनेट नेटवर्क की समस्या के कारण अभी भी कई जिलों के रजिस्ट्री दफ्तरों में नए सिस्टम के तहत रजिस्ट्री शुरू नहीं हो पाई है। इधर विभागीय सूत्रों की मानें, तो जिन जिलों के रजिस्ट्री दफ्तरों में इंटरनेट नेटवर्क की समस्या है, वहां माय डीड सिस्टम को पूर्ण रूप से लागू करने में फिलहाल दिक्कतें आएंगी, क्योंकि वहां अभी भी इंटरनेट नेटवर्क की समस्या बनी हुई है।

इन दफ्तरों से की गई थी शुरुआत
राज्य सरकार ने माय डीड ऑनलाइन सिस्टम को कुछ माह पूर्व पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया था। इस नए सिस्टम को रायपुर तिल्दानेवरा, नवागढ़ (बेमेतरा), डौंडीलोहारा (बालोद), नगरी (धमतरी) और पथरिया (मुंगेली) में लागू किया था। इन दफ्तरों में नए सिस्टम के तहत लोगों को रजिस्ट्री कराने में मिल रही सुविधा और पारदर्शिता को देखते हुए इसे अब अन्य सभी जिलों के रजिस्ट्री दफ्तरों में भी लागू किया है

बटांकन-नामांतरण के लिए भी नहीं जाना होगा तहसील
नए सिस्टम के लागू होने से बटांकन और नामांतरण भी रजिस्ट्री दफ्तरों से होंगे। अब तक लोग जमीन को टुकड़ों में रजिस्ट्री कराने तथा नामांतरण के लिए तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन नए सिस्टम से अब ये दोनों कार्य भी रजिस्ट्री दफ्तरों से ऑनलाइन होंगे।

माय डीड सिस्टम सभी दफ्तरों में लागू
रायपुर पंजीयन कार्यालय के पंजीयक विनोज कोचे ने बताया कि, माय डीड ऑनलाइन सिस्टम प्रदेशभर के रजिस्ट्री दफ्तरों में लागू कर दिया गया है। इस संबंध में 10 जुलाई को मुख्यालय से आदेश जारी हुआ है

इन जिलों के रजिस्ट्री दफ्तरों में भी लागू
माय डीड ऑनलाइन सिस्टम को अब बालोद (डल्लीराजहरा), बलौदाबाजार (कसडोल), बलरामपुर (राजपुर), बस्तर (कोण्डागांव), बेमेतरा (साजा), बिलासपुर (मरवाही), दुर्ग (बोरी), गरियाबंद, जांजगीर (अकलतरा), जशपुर (कुनकुरी), कबीरधाम (बोड़ला), कांकेर (भानुप्रतापपुर), कोरबा (पाली), कोरिया (बैकुंठपुर), रायपुर, नवा रायपुर, राजनांदगांव (मोहला), सुरजपुर (प्रतापपुर), सरगुजा (सीतापुर) शामिल है।

पारदर्शी के साथ घर बैठे रजिस्ट्री
नए माय डीड सिस्टम को रजिस्ट्री विभाग में पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का लक्ष्य लेकर लागू किया गया है। इस ऑनलाइन सिस्टम दस्तावेजों की जांच, स्वीकृति और रजिस्ट्री घर बैठे हो जाएगी। नए सिस्टम से रजिस्ट्री दफ्तरों में लगने वाली भीड़ में भी कमी तथा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के काम का बोझ भी घटेगा। नए सिस्टम से फर्जीवाड़ा भी नहीं होगा, क्योंकि पंजीयन विभाग का ऑनलाइन सिस्टम राजस्व विभाग से भी जुड़ा है। इससे जमीन के सारे रिकॉर्ड ऑनलाइन दिखाई देंगे। इससे जमीन का सारा डिटेल सामने आ जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा नहीं होगा।

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