बाघ ने सप्ताहभर में मार डाले 13 मवेशी: बस्तर में वन विभाग ड्रोन से कर रहा निगरानी, तीन क्षेत्रों में 25 अधिकारी- कर्मचारियों की टीम तैनात

बस्तर जिले में पिछले एक सप्ताह में बाघ ने 3 क्षेत्रों पर 13 मवेशियों का शिकार किया है। वन विभाग ड्रोन के जरिए बाघ और अन्य जानवरों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।

Updated On 2026-01-07 17:20:00 IST

बस्तर में घूम रहा बाघ 

महेंद्र विश्वकर्मा- जगदलपुर। बस्तर जिले में वन विभाग हिंसक जानवरों, खासकर बाघों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। ताकि, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके। क्योंकि, हाल ही में कुछ बाघ खेतों और गांवों के पास देखे गए हैं। ड्रोन थर्मल कैमरे से रात में भी जानवरों की गतिविधियों को ट्रैक करते हैं और ग्रामीणों को सतर्क करते हैं। साथ ही उनके मूवमेंट को समझने में मदद कर रहे हैं।

बस्तर में वन विभाग ड्रोन का उपयोग करके बाघों और अन्य जानवरों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। ताकि, वे इंसानी बस्तियों के करीब न आएं और मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सके। जंगली जानवर की निगरानी पर भानपुरी, मारेंगा एवं कोलेंग क्षेत्र 25 अधिकारी, कर्मचारियों की टीम यानि लगभग 75 लोग तैनात किया गया है। 


सर्च आपरेशन चला रही वन विभाग की टीम
बताया जा रहा है कि, एक सप्ताह में भानपुरी क्षेत्र में 9, कोलेंग क्षेत्र में 3 एवं मारेंगा क्षेत्र में एक यानी जंगली जानवर (बाघ) ने 13 मवेशियों का शिकार किया है।जिसकी जानकारी वन विभाग को मिली थी। वन विभाग ने मौके पर जानवर के चिन्ह देखें थे, जहां ऐसे ही चिन्ह मिले थे। इस लिहाज से वन विभाग की टीम सर्च आपरेशन चला रही है। घने जंगलों से भरपूर छत्तीसगढ़ के बस्तर में अब बड़े जंगली जानवर जंगलों से निकलकर शहरी और ग्रामीण इलाकों का रुख कर रहे हैं। कहीं मवेशियों का शिकार कर रहे हैं तो कहीं जानवर के पैरों के चिन्ह बड़ी संख्या में नजर आ रहे हैं।

गन्ने के खेत में मिले पदचिन्ह
बस्तर जिले के तोकापाल ब्लॉक के ग्राम पंचायत सोसनपाल (कानाकुरुषपाल) में जंगली जानवर के पैर के निशान देखें गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि साल के सबसे बड़े दियारी का त्यौहार 30 दिसंबर को मनाया गया। इसी दिन सुबह के समय गन्ने के खेतों में किसानों ने सिंचाई किया था। जिसके कारण खेत की मिट्टी गीली थी। इसी रात विशाल जंगली जानवर खेतों में घुसा, जिसके पैरों के निशान 31 दिसंबर को ग्रामीणों ने खेतों में देखा।

बाघ होने की संभावना
चित्रकोट के एसडीओ योगेश कुमार रात्रे एवं भानपुरी के एसडीओ इंद्रप्रसाद बंजारे ने पदचिन्ह देखने के बाद बाघ होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि भानपुरी, मारेंगा एवं कोलेंग 13 मवेशियों का शिकार हुआ था। 

बाघ को लेकर किया अलर्ट
वन मंडलाधिकारी बस्तर उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि लोगों को मुनादी के जरिए इस बाघ को लेकर अलर्ट किया जा रहा है। अगर यह बाघ किसी मवेशी को नुकसान पहुंचाता है तो शासन के नियमानुसार मुआवजा राशि तत्काल जारी किया जाएगा।

बाघ दिखे तो उसे सीधे जाने का दें रास्ता
बस्तर के जंगल में बाघ की मौजूदगी पर वन विभाग जगदलपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक आलोक कुमार तिवारी ने बताया कि यह टाइघर उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व इलाके से विचरण करते हुए कोंडागांव इलाके से बस्तर जिले में प्रवेश किया है। इसके फुट प्रिंट के अनुसार यह मेल टायगर है। छत्तीसगढ़ में किए गए सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ में टाइगर की संख्या 35 है, यह उनमें से ही एक है। जहां-जहां इस टायगर के निशान पाए जा रहे हैं, उन इलाकों में मुनादी कराई जा रही है, लोगों को अलर्ट किया जा रहा है कि वह जंगल की ओर न जाएं। लोगों से अपील की कि अगर उन्हें बाघ दिखे तो उसे सीधे जाने का रास्ता दें। वह भटककर कभी भी भीड़ में नहीं जाएगा। वन विभाग की निगाह पूरी तरह से बाघ पर बनी हुई है।

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