हेल्पिंग हैंड्स ने की मदद: 37 वर्षीय युवक की आकस्मिक मृत्यु के बाद बेसहारा परिवार बना सहारा, पेश की मानवता की मिसाल
सारंगढ़ के पिंडरी गांव में 37 वर्षीय जयप्रकाश भास्कर की हार्ट अटैक से मृत्यु के बाद उनकी पत्नी और तीन बेटियों की जिम्मेदारी हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन ने उठाई।
हेल्पिंग हैंड्स की टीम भास्कर के परिवार के साथ
सारंगढ़। मानवसेवा माधवसेवा के संकल्प के साथ हेल्पिंग कार्य कर रही हैं। ड्स क्लब फाउंडेशन के सदस्य असहाय लोगों के आपातकाल स्थिति में भगवान के दूत बनकर खड़े रहते है ये हम हमेशा ही देखते आ रहे है।
वहीं एक किस्सा अचानक ऐसा हो जाता है, जहां 37 साल की उम्र में जय प्रकाश भास्कर को दिल को दौरा पड़ने से मृत्यु हो जाती है। जयप्रकाश की पत्नी और 3 बेटी हैंऔर आगे पीछे कोई नहीं। रोज कमाकर खाने वाला यह परिवार अब किसके सहारे जीएगा। इनकी पूरी तकलीफ का ब्यौरा पड़ोसी दिलेश्वर रात्रे ने सोशल मीडिया में साझा की। साथ ही हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के मुख्य लोगो को जानकारी दी। हमेशा की तरह इस बार भी हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन ने मानवता की मिशाल पेश की।
इनके बीच हुई ऑनलाइन मीटिंग
हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन ने तत्काल ऑनलाइन मीटिंग कर जिसमें प्रदेश संरक्षक मनोज गोयल, प्रदेश संरक्षक डॉक्टर रमेश अग्रवाल, प्रदेश एवं संस्थापक अध्यक्ष अंकित अग्रवाल, उपाध्यक्ष विन्नी सलूजा, तरुण अग्रवाल, रिंकू केडिया, विवेक श्रीवास्तव, अमित केडिया, उदित अग्रवाल, रजत अग्रवाल, राकेश केशरवानी,महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष बबीता अग्रवाल, सचिव भारती मोदी,उपाध्यक्ष सुनीता पांडे, ज्योति अग्रवाल, अनामिका मिश्रा, अल्पना शर्मा, सुजाता अग्रवाल, श्रुति श्रीवास्तव, सेजल खंडेलवाल, वर्षा अग्रवाल आदि सदस्यों ने निर्णय लिया।
संस्था करेगी पूर्ण रूप से मदद
हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के वॉलंटियर्स पहुंचे पिंडरी गांव भास्कर के घर दिलेश्वर रात्रे के साथ और महीने भर का राशन एवं घर के हर जरूरत के समान देकर आए। साथ ही हेल्पिंग हैंड्स क्लब के संरक्षक मनोज गोयल ने कहा कि, तीनों बच्चियां की पढ़ाई अच्छे से हो इसके लिए हम पूरा सहयोग करेंगे और बच्चों को सीए, कलेक्टर, पुलिस जो बनना हो हमारी संस्था पूर्ण रूप से अपना परिवार का सदस्य मानकर उनकी मदद करेगा।
परिवार ने किया संस्था का धन्यवाद
हेल्पिंग हैंड्स क्लब प्रतिदिन लोगों की दिल में अपनी एक अलग जगह बनाते जा रहा है। निस्वार्थ भाव से ऐसा पुनीत कार्य और त्वरित मदद पहुंचाना वाकई में एक मिशाल से कम नहीं। ग्राम वासियों ने भी हर संभव मदद हेतु हाथ आगे बढ़ाया है। भास्कर की धर्मपत्नी और बेटियों ने संस्था का पूरे दिल से आभार व्यक्त किया है।
ऐसे करते हैं जरूरतमंद लोगों मदद
वहीं हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन के संरक्षक डॉक्टर रमेश अग्रवाल ने कहा कि, हम प्रयासरत है कि बहन को हम कोई अच्छी नौकरी लगवा सके जिससे उनका घर हमेशा वो चला सके। आपको बता दें कि, हेल्पिंग हैंड्स क्लब फउंडेशन निरंतर ही इस प्रकार से हर वर्ग की मदद और रक्तदान प्रतिदिन करवा कर जरूरतमंद लोगों के चेहरे में मुस्कान बिखेरता है।