हाईकोर्ट में नया रोस्टर: 14 सिंगल, 4 डिवीजन और 2 स्पेशल बेंच में होगी सुनवाई
शीतकालीन अवकाश के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 2 जनवरी 2026 से नया रोस्टर लागू किया जाएगा, जिसके तहत विभिन्न श्रेणियों के मामलों की सुनवाई शुरू होगी।
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बिलासपुर। शीतकालीन अवकाश के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में 2 जनवरी 2026 से नया रोस्टर लागू किया जाएगा, जिसके तहत विभिन्न श्रेणियों के मामलों की सुनवाई शुरू होगी। नए रोस्टर के अनुसार हाईकोर्ट में चार डिवीजन बेंच, दो स्पेशल बेंच और कुल 14 सिंगल बेंच गठित की गई हैं। पहली डिवीजन बेंच में मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा शामिल होंगे। यह बेंच जनहित याचिका (पीआईएल), रिट अपील और हैबियस कॉर्पस से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी। दूसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस संजय जायसवाल को जिम्मेदारी दी गई है।
यह बेंच उन आपराधिक मामलों की सुनवाई करेगी जो अन्य डिवीजन बेंच के दायरे में नहीं आते, साथ ही फैमिली मामलों की फर्स्ट अपील और रिट याचिकाएं भी यहीं सुनी जाएंगी। इसी तरह तीसरी डिवीजन बेंच जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की होगी। इसमें अन्य बेंचों में शामिल न होने वाले सभी सिविल मामले, कंपनी अपील, टैक्स प्रकरण, इक्विटल अपील और डिवीजन बेंच के रिट मामले शामिल रहेंगे। चौथी डिवीजन बेंच में जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल शामिल होंगे। यह बेंच कमर्शियल अपीलेट डिवीजन बेंच के मामले, वर्ष 2016 से लंबित एक्विटल अपील और रिट याचिकाओं की सुनवाई करेगी। इसके अतिरिक्त, मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की अलग-अलग स्पेशल सिंगल बेंच भी गठित की गई हैं।
सिंगल बेंचों में ये नामित
जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू, जस्टिस दीपक तिवारी, जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय, जस्टिस बीडी गुरु, जस्टिस सचिन सिंह राजपूत, जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल सहित कुल 14 सिंगल बेंचों को विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई के लिए नामित किया गया है। नए रोस्टर के लागू होने के साथ ही हाईकोर्ट में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है।