आमंत्रण पत्र से बाहर रखने पर विवाद: जिला पंचायत सदस्य पवन पैंकरा ने सरकारी कार्यक्रम का किया बहिष्कार
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में सरकारी कार्यक्रमों से जनप्रतिनिधियों को दूर रखने के आरोप जोर पकड़ रहे हैं। धनौली में जन औषधि केंद्र उद्घाटन के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हुआ।
धनौली कार्यक्रम में विरोध जताते पवन पैंकरा
आकाश पवार - पेंड्रा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सरकारी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ग्राम पंचायत धनौली में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य पवन पैंकरा का नाम आमंत्रण पत्र से गायब होने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
नाम गायब होने पर विरोध
धनौली में आयोजित इस समारोह में मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी और जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे भी मंच पर उपस्थित थे। इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में क्षेत्र क्रमांक 03 के निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य पवन पैंकरा का नाम आमंत्रण पत्र में नहीं जोड़ा गया, जिससे वे मंच के सामने पहुंचकर कड़ा विरोध जताने लगे।
अधिकारी राज चल रहा है- पवन पैंकरा
पवन पैंकरा ने आरोप लगाया कि जिले में लोकतंत्र नहीं, बल्कि अधिकारी राज चल रहा है। उनके अनुसार अधिकारी तय कर रहे हैं कि किसे बुलाना है और किसे नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सभी निर्णय अधिकारी ही ले रहे हैं, तो फिर चुनाव कराने का औचित्य क्या है।
कार्यक्रम का बहिष्कार
जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन पैंकरा अपने रुख पर कायम रहे। उन्होंने इसे क्षेत्र की जनता का अपमान बताते हुए मंच से दूरी बना ली और कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।
यह पहली बार नहीं
पवन पैंकरा ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी देवर गांव स्थित मलानिया डैम के वॉटर बोर्ड उद्घाटन में न तो स्थानीय सरपंच को बुलाया गया और न जनपद व जिला पंचायत सदस्यों को सूचना दी गई। उन्होंने एक दिन पूर्व सोशल मीडिया पर भी इस मनमानी के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई थी।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से शिकायत की तैयारी
जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि वे पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से करेंगे। ज़रूरत पड़ने पर मुख्य सचिव कार्यालय के सामने धरना देकर इस तरह की अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।