साय सरकार का नया विजन: नवा रायपुर बन रहा विश्व-स्तरीय स्मार्ट कैपिटल, IT-मेडिसिटी और कनेक्टिंग टाउन से बढ़ेगी रफ्तार
साय सरकार नवा रायपुर को 2047 के विकसित भारत विजन के अनुरूप स्मार्ट, ग्रीन, IT-हब, मेडिसिटी और मेट्रो-स्टाइल आधुनिक राजधानी के रूप में तेजी से विकसित कर रही है।
नवा रायपुर तेजी से एक आधुनिक, समृद्ध और प्रगतिशील शहर के रूप में विकसित हो रहा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की नई राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) अब सिर्फ प्रशासनिक केंद्र नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य का वह आधार स्तंभ बन चुकी है जिसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एक विश्व-स्तरीय स्मार्ट कैपिटल, IT-हब, हेल्थ-हब और रोजगार-प्रधान शहर के रूप में विकसित कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक नवा रायपुर विकसित छत्तीसगढ़ का मुख्य ग्रोथ इंजन बने।
कनेक्टिंग टाउन: रायपुर और नवा रायपुर के बीच स्मार्ट कॉरिडोर का निर्माण
रायपुर और नवा रायपुर को एकीकृत रूप में विकसित करने के लिए सरकार ने 432 हेक्टेयर में कनेक्टिंग टाउन की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत अटल पथ के दोनों ओर 500-500 मीटर के दायरे में शहरी सुविधाओं के साथ एक नया स्मार्ट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र में सेरीखेड़ी, मंदिर हसौद, नकटी, रमचंडी और बरौदा जैसे गांव शामिल होकर राजधानी क्षेत्र की संरचना को मजबूत करेंगे।
यह योजना अपनी अनोखी भूमि पुनर्वितरण प्रणाली के लिए भी उल्लेखनीय है, जिसमें परंपरागत भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। इसके बदले, विकास कार्य पूरे होने के बाद भूमि मालिकों को उनकी जमीन का 42 प्रतिशत हिस्सा विकसित स्वरूप में वापस मिलेगा। यह मॉडल न केवल जमीन मालिकों के हितों की रक्षा करता है, बल्कि उन्हें शहर के विकास में सहभागी भी बनाता है।
मेट्रो सिटी की राह पर नवा रायपुर: समग्र विकास को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समग्र विकास पर हाई-लेवल मीटिंग में राजधानी रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि, शहर के विकास में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। महानदी भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने अंडरग्राउंड केबल, नए फ्लाईओवर, सड़क, ड्रेनेज, पेयजल, सीवरेज, आवास और सार्वजनिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नगरीय निकायों को पहले से ढाई गुना अधिक संसाधन दिए गए हैं और सभी विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध विकास कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिक्रमण, झुग्गी पुनर्विकास, खेल मैदान संरक्षण और मेडिकल कॉलेज सुविधाओं के उन्नयन सहित शहर के समग्र और भविष्यपरक विकास पर विस्तार से चर्चा हुई।
400 एकड़ में मेगा मेडिसिटी: मध्य भारत का सबसे बड़ा हेल्थ हब
नवा रायपुर में 400 एकड़ के विशाल क्षेत्र में विश्व-स्तरीय मेडिसिटी प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट भविष्य में छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए एक उन्नत स्वास्थ्य केंद्र का रूप लेगा। इस मेडिसिटी में सुपर–स्पेशियलिटी अस्पताल, आधुनिक मेडिकल कॉलेज, अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर, मेडिकल उपकरण हब और मेडिकल टूरिज्म से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह पहल न केवल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार अवसर भी पैदा करेगी।
IT-AI-स्टार्टअप इकोसिस्टम: डिजिटल छत्तीसगढ़ का नया केंद्र
नवा रायपुर को IT और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। सबसे बड़ा कदम है ₹1000 करोड़ के निवेश से बनने वाला AI डेटा सेंटर पार्क, जो प्रदेश में डिजिटल उद्योगों की नई संभावनाओं को जन्म देगा।
नई औद्योगिक नीति 2024 के तहत नवा रायपुर को IT, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। STPI के साथ साझेदारी में चार नए उद्यमिता केंद्र खोलने का निर्णय स्टार्टअप कल्चर को नई ऊंचाई देगा। इन पहलों के कारण राज्य को ₹1 लाख करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें नवा रायपुर की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है।
शिक्षा और कौशल विकास: नॉलेज हब के रूप में उभरता नवा रायपुर
सरकार नवा रायपुर को शिक्षा और कौशल विकास के केंद्र के रूप में मजबूत कर रही है। इसके तहत सेक्टर 18 में SVKM (नरसी मोंजी) को लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की लीज पर आवंटित की गई है, जहां विश्व-स्तरीय प्रबंधन और उच्च शिक्षा संस्थान स्थापित होगा।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप अत्याधुनिक शिक्षण संस्थानों, रिसर्च हब, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और स्टार्टअप इनक्यूबेशन स्पेस की स्थापना की जा रही है। सरकार का उद्देश्य नवा रायपुर को एक ऐसा शिक्षण-इनोवेशन केंद्र बनाना है, जो आने वाले युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाए।
आवास और सामाजिक समावेशन: सबके लिए सुरक्षित और योजनाबद्ध जीवन
अटल आवास योजना के अंतर्गत नवा रायपुर में निम्न और मध्यम आय वर्ग के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासों का निर्माण और लोकार्पण किया गया है। यह राजधानी क्षेत्र में सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देता है। सरकार की एक बड़ी उपलब्धि यह भी है कि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) को कर्ज-मुक्त कर दिया गया है। इससे आगामी वर्षों में विकास कार्य बिना किसी वित्तीय बोझ के सुचारू रूप से किए जा सकेंगे।
ग्रीन कैपिटल विज़न: पर्यावरण-अनुकूल राजधानी की ओर कदम
नवा रायपुर को ग्रीन कैपिटल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य साय सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। शहर में बड़े पैमाने पर हरित क्षेत्र, ऑक्सीजोन, ऊर्जा दक्ष भवन, जल संरक्षण आधारित शहरी डिजाइन और स्मार्ट LED स्ट्रीटलाइट्स का उपयोग किया जा रहा है। इन पहलों से नवा रायपुर एक क्लाइमेट-रेसिलियंट, सस्टेनेबल स्मार्ट सिटी का रूप ले रहा है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण-अनुकूल मॉडल साबित होगी।
कैबिनेट के अहम निर्णय: राजधानी विकास को नई गति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2026–27 की मंजूरी, STPI के सहयोग से चार उद्यमिता केंद्रों की स्थापना, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उन्नत लैब सुविधाएं, नया थाना, वर्किंग वुमन हॉस्टल, आयोग–बोर्ड भवन और लॉजिस्टिक हब से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में रेल कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश और शहरी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।