बेलगाम रफ्तार ने बुझा दिए दो घरों के चिराग: कांकेर से माकड़ी के रास्ते पर खंभे से रगड़ाते हुए पेड़ से टकराई कार, दो नाबालिग छात्रों की मौत

बेलगाम स्पीड से दौड़ती कार ने अलसुबह कांकेर शहर के दो घरों के चिराग बुझा दिए। इनमें से एक का शुक्रवार को जन्मदिन था। इस हादसे में चार छात्र घायल हुए हैं।

Updated On 2026-02-06 14:46:00 IST

हादसे में क्षतिग्रस्त कार

गौरव श्रीवास्तव- कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर में शुक्रवार की अलसुबह नेशनल हाईवे 30 पर बेलगाम स्पीड से दौड़ रही कार बड़े सड़क हादसे का सबब बन गई। इस हादसे में दो छात्रों की मौत हो गई है, वहीं 4 छात्र घायल हैं।

घटना अलसुबह करीब साढ़े 4 बजे गोविंदपुर के नजदीक घटी। हादसे में घायल 4 छात्रों में से 2 की हालत नाजुक है, जिन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। दर्दनाक सड़क हादसे में मृत एक छात्र का आज ही जन्मदिन भी था। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के गोविंदपुर की है।

बर्थडे मनाने रात तीन बजे जा रहे थे माकड़ी
मिली जानकारी के अनुसार वेदांत पटेल 16 वर्ष का आज जन्मदिन था। वह अपने 5 अन्य दोस्तों के साथ रात 3 बजे के करीब माकड़ी जाने स्विफ्ट डिजायर कार से निकला था। कार 16 साल का छात्र भावेश गजबल्ला चला रहा था। रास्ते में गोविंदपुर के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गईं और पोल को ठोकर करते हुए पेड़ से जा टकराई।

मृत छात्र वेदांत का आज ही था जन्मदिन
कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि, कार के परखच्चे उड़ गए। जिस छात्र वेदांत का जन्मदिन था उसकी मौके पर ही मौत हो गई, वहीं एक अन्य छात्र युवराज 15 वर्ष की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में जान चली गई। 4 अन्य घायल छात्रों को कांकेर मेडिकल कॉलेज लाया गया था जहां दो छात्र भावेश गजबल्ला 16 वर्ष और आयुष 15 वर्ष की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। दो अन्य छात्र रोहन ध्रुव 19 वर्ष और हर्ष मसीह का इलाज कांकेर मेडिकल कालेज में जारी है।

रातभर कार लेकर फर्राटे भरते रहे नाबालिग छात्र
पता चला है कि, हादसे का शिकार हुए सभी छात्र कांकेर शहर के ही रहने वाले हैं। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि, नाबालिग छात्र रात भर कार लेकर घर से बाहर थे और परिजनों को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। यदि परिजनों को इस बात की जानकारी थी तो नाबालिग के हाथ में कार सौंपने वाले परिजन भी इस हादसे में बराबर के दोषी हैं।


मृत दोनो छात्र थे अपने-अपने घरों के इकलौते चिराग
हाल ही में यातायात पखवाड़ा मनाया गया था, जिसमें नाबालिगों को वाहन ना देने को लेकर परिजनों को भी समझाइश दी गई थी। साथ ही स्कूलों में भी विजिट करके यातायात नियमों का पालन करने लगातार समझाइश के बाद भी नाबालिग न केवल बाइक बल्कि फर्राटे से कार दौड़ा रहे हैं और हादसे का शिकार हो रहे हैं। हादसे में मृत दोनों छात्र अपने घरों के इकलौते चिराग थे, दोनों के पिता की भी मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में हादसे के बाद दोनों छात्रों की मां का रो-रो कर बुरा हाल है।

क्षेत्र में पसर गया है मातम
हादसे के बाद क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। बताया जा रहा है कि, सभी छात्र रात करीब साढ़े 11 बजे घर से निकले थे और जिस छात्र का जन्मदिन था उसे रात करीब 3 बजे उसके घर से अपने साथ लिया था।

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