बस्तर के लाल ने कोटा में जगाई अपनी अलख: शिक्षक मनीष कुमार अहीर 'हरित योद्धा' सम्मान से हुए सम्मानित
बस्तर के शिक्षक मनीष कुमार अहीर को राजस्थान के कोटा में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रतिष्ठित 'हरित योद्धा सम्मान' से सम्मानित किया गया।
शिक्षक मनीष कुमार अहीर 'हरित योद्धा' सम्मान से हुए सम्मानित
अनिल सामंत- जगदलपुर। बस्तर के शिक्षक मनीष कुमार अहीर को राजस्थान के कोटा में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रतिष्ठित 'हरित योद्धा सम्मान' से सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा सागर फाउंडेशन एवं पारिवारिक वानिकी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित भव्य आयोजन में प्रदान किया गया। मनीष कुमार अहीर ने कहा कि बस्तर की मिट्टी, उसकी संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा ज्ञान आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।
विनोबा भावे नगर, कोटा में संपन्न यह आयोजन नवाचारी शिक्षकों के महाकुंभ के रूप में सामने आया. जहां देश के 15 राज्यों से आए 240 चयनित शिक्षकों को उनके शैक्षिक नवाचार, सामाजिक सरोकार और पर्यावरण संरक्षण के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षा,संस्कृति और प्रकृति के त्रिवेणी संगम का सजीव दृश्य देखने को मिला।
बस्तर की सांस्कृतिक गरिमा राष्ट्रीय मंच पर हुई स्थापित
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण छत्तीसगढ़ की प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा टीम रही। टीम के सदस्यों ने बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा में मंच पर उपस्थित होकर पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। विविध सांस्कृतिक रंगों से सजे इस मंच ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार रूप में प्रस्तुत किया और तालियों की गूंज के बीच बस्तर की सांस्कृतिक गरिमा राष्ट्रीय मंच पर स्थापित हुई।
मनीष कुमार अहीर ने विद्यार्धियों से साझा किए अपने अनुभव
सम्मान ग्रहण करते हुए मनीष कुमार अहीर ने अपने नवोन्मेषी शिक्षण प्रयोगों, पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहलों, सामुदायिक सहभागिता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के अनुभव साझा किए। उन्होंने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान, प्रकृति-आधारित शिक्षा और बदलते सामाजिक परिदृश्य पर भी सारगर्भित विचार रखे।इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षक समुदाय के लिए प्रेरणा, संवाद और नवाचार का सशक्त मंच हैं, जो शिक्षा को समाज, संस्कृति और प्रकृति से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर जा रहा पहचाना
राष्ट्रीय आयोजन में प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा टीम ने बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से देशभर के शिक्षकों के बीच बस्तर की विशिष्ट पहचान को प्रभावशाली ढंग से रखा। शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और संस्कृति के समन्वय ने यह सिद्ध किया कि बस्तर का देशज ज्ञान आज राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बन रहा है।