छत्तीसगढ़ में ठंड से राहत: पारा 30 के ऊपर, पश्चिमी विक्षोभ करा सकता है बारिश
प्रदेश में हाड़ कंपाने वाली ठंड से राहत मिली है। कुछ हिस्सों में ठंड बढ़ने की संभावना हो सकती है।
मौसम बदलाव से लोगों में राहत
रायपुर। हाड़ कंपाने वाली ठंड से शहरवासियों को राहत मिलने लगी है। कुछ दिनों बाद ठंड की वापसी की उम्मीद जताई गई है, लेकिन यह पूर्व की तरह अत्यधिक नहीं होगी। रायपुर का तापमान मंगलवार को 30 डिग्री से पार कर 31 डिग्री दर्ज हुआ। यह सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक 15 डिग्री दर्ज किया गया।
प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 11 डिग्री अंबिकापुर में दर्ज किया गया। यहां अब भी लोगों को कंपकंपाने वाली ठंड का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को छग के अधिकतर क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः रहने की संभावना है।
उत्तर छत्तीसगढ़ में सरगुजा संभाग और उससे लगे बिलासपुर संभाग के एक दो जिलों में हल्की वर्षा हो सकती है। एक-दो स्थानों मेघ गर्जन के साथ वज्रपात होने की भी आशंका है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। किन्तु सरगुजा संभाग और उससे लगे जिलों न्यूनतम तापमान में गिरावट 28 और 29 जनवरी को हो सकती है।
ऐसी है स्थिति
वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभउत्तर पाकिस्तान एवं आसपास के क्षेत्रों पर औसत समुद्र तल से 3.1 से 45 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में स्थित है। मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं में स्थित ऊपरी द्रोणिका का अक्ष औसत समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊँचाई पर लगभग देशांतर 67 पूर्व से अक्षांश 22 उत्तर के उत्तर में फैला हुआ है। पूर्वोत्तर भारत में समुद्र तल से 12.6 किमी ऊपर लगभग 135 नॉट की रफ्तार वाली उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम व्याप्त है।
30 जनवरी की रात से प्रभावित करेगा नया विक्षोभ
एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और उसके आसपास स्थित है। एक फ्रेश पश्चिमी विक्षोभ द्वारा 30 जनवरी की रात से उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। आगामी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से, उत्तरी छत्तीसगढ़ में 28 जनवरी को एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा के साथ मेघगर्जन होने की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटों में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने, इसके बाद आगामी 3 दिनों में 1-3 डिग्री की गिरावट होने तत्पश्चात वृद्धि होने की संभावना है। वहीं अगले 4 दिनों में मध्य व दक्षिण छतीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।