Bihar News: विधानसभा में तेजस्वी का सरकार पर पलटवार, कहा- 'बिहार में विकास नहीं, अन्याय के साथ विनाश हो रहा है'
बिहार विधानसभा के बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार को घेरा। कानून-व्यवस्था, रोजगार और अपराध को लेकर एनडीए पर जमकर निशाना साधा।
बिहार विधानसभा के बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार को घेरा।
Tejashwi Yadav Vidhan Sabha Speech: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर जोरदार जवाब दिया। स्पीकर प्रेम कुमार द्वारा दिए गए 25 मिनट के समय में तेजस्वी ने सरकार की नीतियों, कानून-व्यवस्था और विकास के दावों पर तीखा हमला बोला, जिससे सदन का माहौल गरमा गया।
तेजस्वी बोले- बिहार में विकास नहीं, अन्याय के साथ विनाश हो रहा है
तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में न्याय के साथ विकास नहीं बल्कि अन्याय के साथ विनाश हो रहा है। उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने शोरशराबा और नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर पलटवार करते हुए तेजस्वी ने कहा कि एनडीए ने लोकतंत्र को 'डर तंत्र' में बदल दिया है।
सरकार पर पुराने दावों को दोहराने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के पास दिखाने के लिए कुछ नया नहीं है। पुरानी समस्याओं को नए कवर में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में बिहार लगातार गलत दिशा में जा रहा है और सरकार जवाबदेही से बच रही है।
रोजगार के वादों पर सीधा सवाल
तेजस्वी यादव ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि दस लाख नौकरियों का वादा किस सरकार में पूरा हुआ, यह जनता जानती है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में रोजगार के ठोस कदम उठाए गए, लेकिन मौजूदा सरकार उन कामों का श्रेय खुद ले रही है।
वाहवाही और लापरवाही सरकार की पहचान
तेजस्वी ने कहा कि मौजूदा सरकार की दो पहचान बन चुकी हैं-एक खुद की तारीफ और दूसरी सौ फीसदी लापरवाही। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए ने जनतंत्र को धन तंत्र और मशीन तंत्र में बदल दिया है।
तेजस्वी ने अपराध और महिलाओं की सुरक्षा पर जताई चिंता
अपने भाषण के अंत में तेजस्वी यादव ने राज्य में बढ़ते अपराधों का जिक्र करते हुए महिलाओं के खिलाफ घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा शासन में महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हो रहा है और सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।