'6 विधायकों के लिए पैसा कहां से आया?': विधानसभा में नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव पर कसा तंज, MLA खरीदने का लगाया आरोप
बिहार विधानसभा के बजट सत्र में सीएम नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नीतीश ने विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर तेजस्वी पर सवाल दागे।
बिहार विधानसभा के बजट सत्र में सीएम नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
Nitish Kumar vs Tejashwi Yadav: बिहार विधान मंडल के बजट सत्र के चौथे दिन सदन का माहौल उस वक्त गर्म हो गया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आमने-सामने आ गए। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिस पर सदन में कई बार ठहाके भी लगे।
तेजस्वी के तंज पर नीतीश का पलटवार
चर्चा के दौरान तेजस्वी यादव ने सरकार के विकास और सुशासन के दावों पर कटाक्ष किया। इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि राज्य आज तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और यह एनडीए सरकार की नीतियों का नतीजा है।
6 विधायकों के लिए पैसा कहां से लाए?
जब विपक्षी सदस्य बार-बार खड़े होकर बोलने लगे तो नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को सीधे संबोधित करते हुए तीखा सवाल दागा। उन्होंने कहा कि छह विधायकों को अपने पाले में लाने के लिए पैसा कहां से लाया गया, इसका जवाब दीजिए। मुख्यमंत्री के इस बयान पर सदन में शोर और हंसी दोनों सुनाई दीं।
पुराने शासन पर साधा निशाना
नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब पहले उनकी सरकार थी, तब लोग शाम होते ही घरों से निकलने से डरते थे। सड़क, बिजली और कानून-व्यवस्था की हालत खराब थी और समाज में तनाव का माहौल रहता था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार आने के बाद हालात बदले और अब राज्य में भाईचारा और शांति का वातावरण है।
विकास कार्यों का गिनाया लेखा-जोखा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार की कमियों को दूर करने में काफी समय और मेहनत लगी। आज बिजली की स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है और रोजगार के क्षेत्र में भी ठोस काम हुआ है। उन्होंने बताया कि 2025 तक करीब 50 लाख लोगों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया गया, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिला।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस
नीतीश कुमार ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए हर प्रखंड में उन्नत विद्यालय खोले जा रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निजी अस्पतालों की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि आम लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।