राजद की कमान अब नई पीढ़ी के हाथ: तेजस्वी यादव बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, लालू युग पर लगा विराम
राष्ट्रीय जनता दल में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। तेजस्वी यादव को RJD का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया, जिससे लालू यादव के लंबे राजनीतिक दौर का अंत माना जा रहा है।
तेजस्वी यादव बने राजद के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष।
Tejashwi Yadav RJD National Working President: बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाली राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए नेतृत्व परिवर्तन की औपचारिक घोषणा कर दी है। पार्टी ने तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। इस फैसले के साथ ही राजद में दशकों तक चले लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले दौर का समापन माना जा रहा है।
1997 से 2026 तक: लालू यादव के नेतृत्व का सफर
राजद की स्थापना वर्ष 1997 में हुई थी और तब से लेकर अब तक पार्टी की कमान लालू यादव के हाथों में रही। सामाजिक न्याय की राजनीति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले लालू यादव लंबे समय तक पार्टी के सर्वमान्य नेता रहे। अब संगठन ने युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संकेत देते हुए तेजस्वी यादव को केंद्रीय भूमिका में लाने का निर्णय लिया है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में हुआ ऐलान
तेजस्वी यादव की नियुक्ति की घोषणा पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के उद्घाटन सत्र में की गई। इस मौके पर लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में लालू यादव ने औपचारिक रूप से तेजस्वी यादव को नियुक्ति पत्र सौंपा।
सोशल मीडिया के जरिए पार्टी ने दी जानकारी
राजद ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए इस फैसले की जानकारी साझा की। पोस्ट में कहा गया कि पार्टी एक नए राजनीतिक दौर में प्रवेश कर रही है और तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इस घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।
पार्टी प्रवक्ता ने क्या कहा?
राजद के वरिष्ठ प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की सहमति के बाद तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव का समर्थन किया और अब तेजस्वी यादव पार्टी संगठन के संचालन में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
नेता प्रतिपक्ष के साथ संगठन की कमान भी
तेजस्वी यादव बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं और फिलहाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में राजद ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था, हालांकि पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। चुनावी हार के बाद पार्टी में आत्ममंथन चल रहा था, जिसके बीच यह बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया गया।
राजद के भविष्य पर टिकी निगाहें
तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी अब भविष्य की राजनीति युवा नेतृत्व के भरोसे आगे बढ़ाना चाहती है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि तेजस्वी यादव संगठन को किस दिशा में ले जाते हैं और बिहार की राजनीति में राजद की स्थिति को किस तरह मजबूत करते हैं।