छत्तीसगढ़ स्टील प्लांट हादसा: बिहार के 6 मजदूरों की मौत, पीड़ित परिवारों से मिले केंद्रीय मंत्री, 20 लाख मुआवजा दिलाने का दिया आश्वासन
छत्तीसगढ़ स्टील प्लांट हादसे में गया के 6 मजदूरों की मौत। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने पीड़ित परिवारों को 20 लाख रुपये मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया।
छत्तीसगढ़ हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के घर पहुंचे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी।
Chhattisgarh Plant Accident: छत्तीसगढ़ के स्टील प्लांट में हुए भीषण हादसे में बिहार के छह मजदूरों की मौत के बाद केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मुआवजे को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने शुक्रवार को गया जिले के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत गोटीबांध गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें कुल 20 लाख रुपये मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया।
केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से मिलेगी सहायता
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये देने का आश्वासन दे चुकी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी अलग-अलग 10-10 लाख रुपये की सहायता दिलाने के लिए वे प्रयास करेंगे। मांझी ने कहा कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सरकारी मदद दिलाई जाएगी।
पीड़ित परिवारों की दर्दनाक हकीकत आई सामने
मृतक की बहू बिलोती कुमारी ने बताया कि उनके ससुर करीब दस दिन पहले रोज़गार की तलाश में छत्तीसगढ़ गए थे। परिवार के करीब 20 सदस्यों का नाम राशन कार्ड में नहीं है, जिस वजह से उन्हें सरकारी राशन तक नहीं मिलता। आर्थिक तंगी के कारण ही घर के मुखिया को बाहर जाकर मजदूरी करनी पड़ी।
झोपड़ी में गुजर रहा पीड़ित परिवार का जीवन
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि वे प्लास्टिक और फूस की झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। मनोरमा देवी ने कहा कि गांव में पीने के पानी के लिए सरकारी चापाकल तक नहीं है और उन्हें दूसरों के सहारे पानी लाना पड़ता है। वहीं, सीता देवी और अस्मिता कुमारी अपने परिजन की मौत के बाद रो-रोकर बेहाल दिखीं।
अब तक नहीं मिला पारिवारिक लाभ
गांव के ही कुछ लोगों ने बताया कि पांच गोतिया परिवारों से कुल 12 लोग छत्तीसगढ़ काम करने गए थे। हादसे के बाद भी जिला प्रशासन की ओर से अब तक पारिवारिक लाभ की राशि नहीं मिली है। शुक्रवार देर शाम तक भी पीड़ित परिवार सरकारी सहायता का इंतजार करते रहे।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी पहुंचे गांव
पीड़ितों से मिलने शेरघाटी अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार, जिला पार्षद रविंद्र राम और भाजपा नेता संजीव पाठक भी गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने जल्द मदद दिलाने का भरोसा दिया।
कैसे हुआ हादसा?
गौरतलब है कि गुरुवार को छत्तीसगढ़ के एक स्टील प्लांट में स्लैग (गर्म राख) गिरने से जोरदार धमाका हुआ था। हादसे के समय फैक्ट्री में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। अचानक हुए ब्लास्ट से अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने गया जिले के छह मजदूरों को मृत घोषित कर दिया।