सिपाही भर्ती परीक्षा घोटाला: सचिवालय थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नकल और फर्जीवाड़े के आरोप में दो को किया गिरफ्तार

सिपाही भर्ती परीक्षा में नकल और फर्जीवाड़े के मामले में सचिवालय थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच अभी जारी है।

Updated On 2026-01-23 17:54:00 IST

बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े नकल और फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार है।

Bihar Police bharti exam fraud Case: बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े नकल और फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सचिवालय थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पिछले वर्ष आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितताओं और शिकायतों के आधार पर की गई है। उस समय परीक्षा की शुचिता को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, परीक्षा के दौरान संगठित तरीके से नकल कराने और नियमों को तोड़ने की शिकायतें मिली थीं। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध नाम सामने आए, जिनकी तलाश पुलिस लगातार कर रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर आखिरकार दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है।

कोइलवर और भागलपुर से हुई गिरफ्तारी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शौरभ कुमार सिंह और अमरजीत कुमार के रूप में हुई है। शौरभ कुमार सिंह भोजपुर जिले के कोइलवर थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि अमरजीत कुमार भागलपुर जिले के बांस थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों की भूमिका परीक्षा में गड़बड़ी कराने से जुड़ी हुई पाई गई है।

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे इस पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं।

जांच में हो सकते हैं और खुलासे

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला सिर्फ दो लोगों तक सीमित नहीं हो सकता। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इनके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था और परीक्षा केंद्रों तक इनकी पहुंच कैसे बनी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कितने अभ्यर्थियों को इस फर्जीवाड़े का लाभ मिला।

सचिवालय थाना पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस का दावा है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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