jammu kashmir army vehicle accident: भोजपुर के जवान हरे राम कुंवर शहीद, डोडा हादसे में गई जान
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सैन्य वाहन हादसे में बिहार के भोजपुर निवासी जवान हरे राम कुंवर शहीद हो गए। इस दुखद सूचना के बाद गांव में मातम पसर गया है, परिवार सदमे में है।
जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना की गाड़ी खाई में गिरने से भोजपुर के जवान हरे राम कुंवर शहिद हो गए।
jammu kashmir army vehicle accident: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में ड्यूटी के दौरान हुए भीषण सड़क हादसे में बिहार के भोजपुर जिले के जवान हरे राम कुंवर देश सेवा करते हुए शहीद हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव नथमलपुर सहित पूरे भोजपुर जिले में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख नम है और गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
कैसे हुआ हादसा?
डोडा जिले में ऑपरेशन के दौरान सेना की एक बुलेट प्रूफ गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक दुर्घटना में कुल 10 जवानों ने वीरगति प्राप्त की। हादसे की पुष्टि होते ही सेना और प्रशासनिक स्तर पर राहत व जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
गांव में मातम, परिवार बेसुध
शहीद हरे राम कुंवर भोजपुर जिले के बड़हरा थाना क्षेत्र के नथमलपुर गांव के रहने वाले थे। शहादत की खबर मिलते ही उनकी मां शांति देवी और पत्नी बेसुध हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शहीद के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
शिक्षा से सेना तक का सफर
हरे राम कुंवर की शुरुआती शिक्षा भोजपुर जिले में ही हुई थी। उन्होंने वर्ष 2003 में शाहपुर प्रखंड के बरिसवन गांव से मैट्रिक की परीक्षा पास की, जबकि वर्ष 2005 में आरा स्थित महाराजा कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने देश सेवा को अपना लक्ष्य बनाया और भारतीय सेना में भर्ती हुए। वर्ष 2011 में उनका चयन दानापुर स्थित बिहार रेजिमेंट की फोर्थ बिहार यूनिट में हुआ, जहां से उन्होंने कई वर्षों तक पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ देश की सेवा की।
आखिरी बातचीत में मां को दी थी सलाह
शहीद के बड़े भाई जयप्रकाश कुंवर (प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं) ने बताया कि हादसे से कुछ घंटे पहले ही हरे राम ने मां से फोन पर बात की थी और उन्हें ठंड से बचने की सलाह दी थी। यह बातचीत अब परिवार के लिए एक अमिट स्मृति बन गई है।
पिता को बेटे की शहादत पर गर्व
शहीद के पिता इंद्रजीत कुंवर ने भारी मन से कहा कि उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। परिवार शहीद के पार्थिव शरीर के गांव लाए जाने का इंतजार कर रहा है, ताकि पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जा सके।