Bihar Jobs 2026: एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों में बड़ी बहाली की तैयारी, सामने आया बड़ा अपडेट
बिहार में एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों में 4966 पदों पर बहाली की तैयारी। 1326 शिक्षकों की नियुक्ति BPSC के जरिए होगी, साथ ही छात्रावास और छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार।
बिहार में एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों में 4966 पदों पर बहाली की तैयारी।
Bihar Jobs 2026: बिहार में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए संचालित आवासीय विद्यालयों में जल्द ही बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होने जा रही हैं। राज्य के 91 एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों में कुल 4966 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिनमें 1326 पद शिक्षकों के होंगे।
बीपीएससी के जरिए होगी शिक्षकों की नियुक्ति
शिक्षकों और कर्मचारियों की बहाली बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से की जाएगी। विभागीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और जल्द ही भर्ती से जुड़ी आधिकारिक प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इससे शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
हर प्रखंड में खोले जाएंगे छात्रावास
राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में सभी 534 प्रखंडों में एससी-एसटी वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास खोलने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल बिहार में 139 छात्रावास संचालित हैं, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 60 नए छात्रावासों के निर्माण को स्वीकृति दी जा चुकी है।
मंत्री ने दी योजनाओं की जानकारी
शुक्रवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने सूचना भवन में पत्रकारों को बताया कि सरकार का उद्देश्य एससी-एसटी छात्रों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के विस्तार से दूर-दराज के विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
एससी-एसटी आबादी में बढ़ोतरी
विभागीय सचिव संदीप आर. पुडकलकट्टी ने बताया कि 2011 की जनगणना में एससी-एसटी समुदाय की आबादी 17.19 प्रतिशत थी, जो 2022 तक बढ़कर 23.01 प्रतिशत हो चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा और आवास से जुड़ी योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है।
28 नए आवासीय विद्यालयों को मिली मंजूरी
राज्य सरकार ने 28 नए एससी-एसटी आवासीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में 100 बेड वाले सावित्रीबाई फुले छात्रावास खोलने की भी योजना बनाई गई है। अब तक 18 जिलों में इसके लिए भूमि आवंटन पूरा किया जा चुका है।
छात्रवृत्ति योजनाओं में बड़ा इजाफा
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों की छात्रवृत्ति राशि दोगुनी कर दी गई है। वहीं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में आईटीआई छात्रों को 7500 रुपये, डिप्लोमा और पॉलिटेक्निक कोर्स के लिए 15 हजार रुपये और व्यावसायिक तकनीकी कोर्स के लिए 25 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री मेधावृति योजना से लाखों छात्रों को लाभ
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री मेधावृति योजना के तहत 1 लाख 53 हजार 506 छात्र-छात्राओं को लाभ पहुंचाया गया है। सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में इस संख्या में और वृद्धि की जाएगी।