Team India: टीम इंडिया क्यों टेस्ट में नहीं साबित हो रही बेस्ट? राहुल द्रविड़ ने बताई असली वजह

Rahul Dravid on Team India: राहुल द्रविड़ ने कहा कि ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों को टेस्ट की तैयारी का समय नहीं मिल पा रहा। टी20 और आईपीएल की वजह से रेड-बॉल स्किल पर असर पड़ रहा।

Updated On 2026-01-28 12:49:00 IST

भारतीय क्रिकेट टीम टेस्ट में क्यों अच्छा नहीं कर रही। राहुल द्रविड़ ने बताया। 

Rahul Dravid on Team India: टी20 क्रिकेट में भारत इस वक्त दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में शुमार है। आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 पर काबिज टीम इंडिया घरेलू सरजमीं पर होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में खिताब बचाने उतरने वाली है। गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद से भारत ने इस फॉर्मेट में कोई सीरीज नहीं गंवाई। लेकिन इसी बीच भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन लगातार चिंता बढ़ा रहा है।

पिछले एक साल में भारत का घरेलू टेस्ट किला दो बार टूट चुका। पहले न्यूजीलैंड और फिर साउथ अफ्रीका ने भारत को घर में टेस्ट सीरीज में मात दी। गंभीर के कार्यकाल में अब तक भारत किसी टॉप रैंक टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाया है। इकलौती जीत अक्टूबर 2025 में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज में मिली थी।

इसी मुद्दे पर अब भारत के पूर्व कप्तान और पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ ने खुलकर बात की है। बेंगलुरु में एक किताब के लॉन्च इवेंट के दौरान द्रविड़ ने बताया कि ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों के लिए टेस्ट क्रिकेट की तैयारी सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

द्रविड़ ने कहा, 'एक कोच के तौर पर मैंने महसूस किया कि जो खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट खेलते हैं, वे लगातार एक फॉर्मेट से दूसरे में शिफ्ट करते रहते हैं। कई बार ऐसा होता था कि हम टेस्ट मैच से सिर्फ तीन-चार दिन पहले पहुंचते थे और जब प्रैक्टिस शुरू करते थे, तो पता चलता था कि कुछ बल्लेबाजों ने चार-पांच महीने से रेड बॉल देखी ही नहीं है।'

उन्होंने आगे कहा, 'टेस्ट क्रिकेट में घंटों तक सीम और टर्न लेती पिचों पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। यह स्किल मांगता है, और उसके लिए समय चाहिए। लेकिन आज के शेड्यूल में वो समय मिलना मुश्किल होता जा रहा है।'

द्रविड़ ने अपने खेलने के दौर को याद करते हुए कहा कि पहले टेस्ट और वनडे के बीच बदलाव के लिए पर्याप्त समय मिलता था। लेकिन 2007 के बाद टी20 क्रिकेट के आने से तस्वीर पूरी तरह बदल गई। आज जो खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट खेल रहे हैं, उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट की तैयारी के लिए वक्त ही नहीं मिल पाता।

टेस्ट कप्तान शुभमन गिल भी हाल ही में इसी परेशानी की ओर इशारा कर चुके हैं। द्रविड़ ने कहा कि गिल ने खुद तीनों फॉर्मेट खेलकर इस चुनौती को महसूस किया है।

द्रविड़ ने यह भी माना कि भारत की विस्फोटक टी20 बल्लेबाजी की बड़ी वजह लगातार व्हाइट-बॉल प्रैक्टिस है। आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में खिलाड़ी ढाई महीने सिर्फ बड़े शॉट्स की प्रैक्टिस करते हैं, इसलिए वे उसमें और बेहतर होते जा रहे हैं।

फिलहाल भारत आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 में छठे स्थान पर है। अगली टेस्ट सीरीज अगस्त में श्रीलंका में खेली जाएगी, यानी रेड-बॉल क्रिकेट की वापसी में अभी वक्त है।

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