KL Rahul: केएल राहुल ने रिटायरमेंट पर तोड़ी चुप्पी, बोले- जब वक्त आएगा तो चुपचाप खेलना छोड़ दूंगा

KL Rahul on Retirement: केएल राहुल ने कहा कि रिटायरमेंट हार नहीं, सही समय पर लिया गया फैसला हो सकता। पिता बनने और बार-बार की चोटों ने उनकी सोच को और साफ किया।

Updated On 2026-01-27 17:35:00 IST

KL Rahul on Retirement: केएल राहुल ने संन्यास पर बड़ी बात कही है। 

KL Rahul on Retirement: भारतीय क्रिकेटर केएल राहुल ने रिटायरमेंट को लेकर जो बात कही, वह किसी सफाई या भरोसा दिलाने जैसी नहीं लगी। पूर्व इंग्लैंड कप्तान केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान राहुल आत्ममंथन के मूड में नजर आए। 33 साल के राहुल ने साफ कहा कि करियर का अंत हार नहीं होता, बल्कि सही समय पर लिया गया फैसला भी हो सकता।

जब पीटरसन ने उनसे रिटायरमेंट को लेकर सवाल किया, तो राहुल ने बिना झिझक कहा, 'मैंने इस बारे में सोचा है। मुझे नहीं लगता कि यह मुश्किल होगा। अगर आप खुद से ईमानदार हैं, तो जब वक्त आता है, तो आता है। उसे खींचने का कोई मतलब नहीं है। हां, मैं अभी उससे कुछ दूर हूं।'

राहुल का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि वह अब भी टीम इंडिया के अहम खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। आंकड़े भी यही कहते हैं। टेस्ट क्रिकेट में 67 मैचों में उन्होंने 4053 रन बनाए हैं। वनडे में 94 मैचों में 50.90 औसत से 3360 रन बनाए हैं और टी20 इंटरनेशनल में 72 मैचों में 2265 रन जोड़े हैं। यानी फॉर्म या रिकॉर्ड की कोई कमी नहीं। लेकिन राहुल की बात आंकड़ों से आगे की थी। वह मानसिकता की बात कर रहे थे कि इस सोच की कि कोई भी खिलाड़ी अपरिहार्य नहीं होता।

उन्होंने कहा, 'खुद से कहना कि तुम उतने जरूरी नहीं हो, यही सबसे मुश्किल लड़ाई है। भारत में क्रिकेट चलता रहेगा, दुनिया में क्रिकेट चलता रहेगा। जिंदगी में इससे भी ज्यादा जरूरी चीजें हैं।'

उन्होंने माना कि पिता बनने के बाद उनकी सोच और बदल गई है। राहुल ने कहा, 'पहला बच्चा होने के बाद जिंदगी को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल जाता है।' परिवार अब उनके लिए सिर्फ सहारा नहीं, बल्कि प्राथमिकता है।

राहुल ने सबसे ईमानदार बात अपनी फिटनेस को लेकर कही। आलोचना, चयन या खराब फॉर्म नहीं, बल्कि बार-बार की चोटें उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती रही हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बार चोटिल होना सबसे मुश्किल होता है। यह फिजियो या सर्जरी का दर्द नहीं होता, बल्कि मानसिक लड़ाई होती है।

केएल राहुल न तो रिटायरमेंट की तारीख गिन रहे हैं, न ही डर रहे हैं। लेकिन वह यह साफ कर चुके हैं कि जब संतुलन बिगड़ेगा, तो फैसला उनका होगा। आज के दौर में, जहां खिलाड़ी अक्सर जरूरत से ज्यादा खींचते हैं, राहुल की यह सोच अलग और बेहद साफ है कि वक्त को पहचानो और उसके बाद की जिंदगी से मत डरो।

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