Ayush Badoni: पूर्व चीफ सेलेक्टर ने बडोनी के सेलेक्शन पर खड़े किए सवाल, बोले- बिना कुछ किए मौका मिला
Ayush Badoni selection controversy: पूर्व चीफ सेलेक्टर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने आयुष बडोनी के ODI चयन को अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग नियम नजर आ रहे।
आयुष बडोनी के टीम इंडिया में सेलेक्शन पर विवाद हो रहा।
Ayush Badoni selection controversy: भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के लिए आयुष बडोनी के चयन ने नया विवाद खड़ा कर दिया। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पूर्व चीफ सेलेक्टर कृष्णमाचारी श्रीकांत ने इस फैसले पर तीखा हमला बोला। श्रीकांत ने बडोनी के चयन को पूरी तरह से अन्यायपूर्ण बताते हुए सेलेक्शन में पक्षपात के आरोप लगाए।
श्रीकांत का कहना है कि हालिया घरेलू प्रदर्शन के आधार पर बडोनी का चयन समझ से परे। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी का जिक्र करते हुए कहा, 'इस तरह के प्रदर्शन के साथ चयन का कोई सवाल ही नहीं उठता।' उनके मुताबिक चयन का पैमाना सभी खिलाड़ियों के लिए एक जैसा नहीं।
सेलेक्शन का पैमाना एक जैसा नहीं: श्रीकांत
श्रीकांत ने चयन नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, 'कुछ खिलाड़ियों से कहा जाता है कि रन बनाओ, प्रदर्शन करो। लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें बिना कुछ किए मौका मिल जाता।' उन्होंने चिंता जताई कि इससे घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को गलत संदेश जाता।
उन्होंने बडोनी के आईपीएल रिकॉर्ड पर भी सवाल खड़े किए। श्रीकांत ने कहा, 'कोई एक बड़ी पारी याद दिला सकता है?' उनका मानना है कि सिर्फ आईपीएल खेलने से कोई खिलाड़ी 50 ओवर फॉर्मेट के लिए तैयार नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी कहा कि बडोनी में मैच को अकेले दम पर पलटने की क्षमता नहीं दिखती।
ऑलराउंडर टैग पर भी सवाल
श्रीकांत ने बडोनी को ऑलराउंडर मानने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'एक मैच में तीन विकेट ले लिए तो ऑलराउंडर बना दिया?' साथ ही सवाल उठाया कि IPL में उन्होंने आखिरी बार कब नियमित रूप से गेंदबाजी की थी। उन्होंने चयन की तुलना करते हुए ऋतुराज गायकवाड़ का उदाहरण दिया, जिन्हें पिछली वनडे सीरीज में शतक के बावजूद टीम से बाहर रखा गया। श्रीकांत ने कहा, 'उसने कौन सा गुनाह किया?' साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि अगर ऑलराउंडर चाहिए था तो अक्षर पटेल को क्यों नहीं चुना गया।
श्रीकांत ने पक्षपात के आरोप लगाए
श्रीकांत ने इशारों में IPL कनेक्शन की बात भी कही। उन्होंने कहा, 'वह LSG के लिए खेले, वहां एक मेंटर था और शायद इसी वजह से टीम में हैं।' उनका कहना है कि अब भारतीय टीम में जगह बनाना इतना मुश्किल हो गया है कि दरवाजा तोड़ने के लिए ट्रक चाहिए। हालांकि टीम मैनेजमेंट ने चयन का बचाव किया है। बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने साफ कहा कि वॉशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद टीम पांच गेंदबाजों के साथ नहीं उतर सकती थी। उन्होंने कहा कि बडोनी 4-5 ओवर निकालने का विकल्प देते हैं और चयन टीम की जरूरत के आधार पर हुआ है, न कि किसी पक्षपात के कारण।