मणिपुर को मिला नया मुख्यमंत्री: वाई. खेमचंद सिंह ने ली शपथ, नेमचा किपगेन और लोसी दीखो बने डिप्टी CM
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन खत्म के बाद राज्य को नया मुख्यमंत्री भी मिल गया। BJP नेता वाई. खेमचंद सिंह ने बुधवार, 4 फरवरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नेमचा किपगेन और लोसी दीखो बने उपमुख्यमंत्री। पढ़ें पूरी खबर।
BJP नेता वाई. खेमचंद सिंह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
Manipur CM Y Khemchand Singh: मणिपुर में महीनों तक चले राष्ट्रपति शासन के बाद आखिरकार नई सरकार का गठन हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता युमनाम वाई. खेमचंद सिंह ने बुधवार को मणिपुर के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
BJP विधायक दल के नेता चुने गए थे खेमचंद
शपथ ग्रहण से पहले खेमचंद सिंह ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। सिंगजामेई से विधायक खेमचंद सिंह को हाल ही में दिल्ली में हुई एनडीए नेताओं की बैठक के बाद भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। वे पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के करीबी माने जाते हैं और मैतेई समुदाय से आते हैं।
दो डिप्टी सीएम ने भी संभाला पदभार
नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई। बीजेपी की नेमचा किपगेन, जो कुकी समुदाय से आती हैं, ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। वे इस समुदाय से आने वाली राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनी हैं। वहीं, नागा पीपुल्स फ्रंट के लोसी दीखो को भी उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इसके अलावा बीजेपी के गोविंदास कोंथौजम और एनपीपी के केएच लोकेन को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
राष्ट्रपति शासन के बाद सत्ता बहाली
पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद फरवरी 2025 में मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। संसद ने इसे छह महीने के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी थी, जिसकी अवधि इस महीने समाप्त हो रही थी। अब नई सरकार के गठन के साथ ही राष्ट्रपति शासन समाप्त हो गया है।
कौन हैं वाई. खेमचंद सिंह?
62 वर्षीय खेमचंद सिंह दूसरी बार विधायक बने हैं। वे 2017 से 2022 तक मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और बाद में ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शिक्षा जैसे अहम विभाग संभाल चुके हैं। उन्होंने 2002 में राजनीति में कदम रखा था और 2013 में भाजपा का दामन थामा।
संकट के समय दिखाया सामंजस्य का संदेश
जातीय तनाव के दौरान खेमचंद सिंह एकमात्र मैतेई विधायक थे, जिन्होंने कूकी-जो राहत शिविर का दौरा किया था। राजनीति के अलावा वे एक प्रसिद्ध मार्शल आर्टिस्ट भी हैं और पारंपरिक ताइक्वांडो में 5th डैन ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं।