'सब कुछ सामान्य नहीं है': संजय राउत ने अजित पवार के विमान हादसे को बताया संदिग्ध, बोले- 'यह जस्टिस लोया की याद दिलाता है'
संजय राउत ने अजित पवार के विमान हादसे को संदिग्ध बताते हुए इसकी तुलना जस्टिस लोया मामले से की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।
राउत के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान की दुर्घटना को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत ने सनसनीखेज बयान दिया।
संजय राउत ने इस घटना को महज एक इत्तेफाक मानने से इनकार करते हुए इसमें गहरी साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की तुलना बहुचर्चित 'जस्तित लोया' मामले से करते हुए संकेत दिया कि पर्दे के पीछे कुछ ऐसा चल रहा है जो जनता की नजरों से छिपाया जा रहा है। राउत के इस बयान ने राज्य की सियासी सरगर्मी को और तेज कर दिया है।
जस्टिस लोया मामले से तुलना और साजिश का आरोप
संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए अजित पवार के विमान के साथ हुई घटना पर गहरा संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जस्टिस लोया की मौत आज भी रहस्यों के घेरे में है, ठीक वैसी ही बू इस विमान दुर्घटना से आ रही है।
राउत ने आरोप लगाया कि सत्ता के गलियारों में कुछ ऐसी शक्तियां सक्रिय हैं जो अपने रास्ते से कांटों को हटाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या यह वाकई एक तकनीकी खराबी थी या फिर किसी बड़ी पटकथा का हिस्सा?
पर्दे के पीछे चल रहे खेल पर उठाए सवाल
संजय राउत ने अपने बयान में बार-बार 'पर्दे के पीछे' शब्द का इस्तेमाल किया। उनका इशारा साफ तौर पर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान की ओर था।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसे समय में ही यह हादसा क्यों हुआ जब राज्य में गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं चरम पर हैं।
राउत के अनुसार, अजित पवार की सुरक्षा में इस तरह की चूक होना सामान्य बात नहीं है और इसकी तह तक जाना बेहद जरूरी है।
अजित पवार की स्थिति और एनसीपी में बेचैनी
इस घटना के बाद शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (SP) और खुद अजित पवार के गुट के भीतर भी हलचल तेज हो गई है। संजय राउत ने दावा किया कि अजित पवार फिलहाल जिस गठबंधन में हैं, वहां वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे होंगे।
उन्होंने कहा कि राजनीति में जब कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा जान जाता है या किसी के लिए बोझ बन जाता है, तो इस तरह की 'दुर्घटनाएं' होने लगती हैं। राउत के इस बयान ने अजित पवार के समर्थकों के बीच भी चिंता पैदा कर दी है।
निष्पक्ष जांच की मांग और बीजेपी पर निशाना
संजय राउत ने इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने सीधे तौर पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि एजेंसियों का इस्तेमाल सिर्फ विपक्ष को डराने के लिए नहीं, बल्कि इस तरह की संदिग्ध घटनाओं की सच्चाई सामने लाने के लिए भी होना चाहिए।
राउत ने चेतावनी दी कि अगर इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई, तो जनता के मन में संदेह और गहरा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की जनता अब इस तरह के 'पॉलिटिकल एक्सीडेंट्स' को समझ चुकी है।