Sweet Craving: मीठे की क्रेविंग नहीं छूट रही है? इन स्मार्ट टिप्स को आज़माएं, कुछ ही दिनों में दिखेगा असर

Sweet Craving: बहुत से लोगों को बार-बार मीठा खाने की इच्छा होती है। ये आदत देखते ही देखते कई परेशानियों को पैदा कर सकती है।

Updated On 2026-01-21 17:58:00 IST

मीठे की क्रेविंग खत्म करने के टिप्स।

Sweet Craving: आजकल मीठा खाने की आदत सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह एक तरह की क्रेविंग बन चुकी है। तनाव, थकान या खालीपन महसूस होते ही दिमाग सबसे पहले चॉकलेट, मिठाई या मीठे स्नैक्स की तरफ भागता है। कई लोग चाहकर भी मीठा छोड़ नहीं पाते और बाद में वजन बढ़ने, थकान और गिल्ट का सामना करते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि जरूरत से ज्यादा मीठा खाने से ब्लड शुगर असंतुलन, मोटापा और एनर्जी क्रैश जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान और व्यवहारिक बदलावों से मीठे की क्रेविंग को धीरे-धीरे कंट्रोल किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे ही असरदार टिप्स, जिनका असर कुछ ही दिनों में नजर आने लगता है।

मीठे की क्रेविंग क्यों होती है?

मीठा खाने से दिमाग में डोपामिन रिलीज होता है, जिससे थोड़ी देर के लिए अच्छा महसूस होता है। लेकिन बार-बार ऐसा करने से शरीर इसकी आदत डाल लेता है और क्रेविंग बढ़ने लगती है। नींद की कमी, स्ट्रेस और अनियमित खानपान भी इसकी बड़ी वजह हैं।

प्रोटीन और फाइबर बढ़ाएं: खाने में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा बढ़ाने से पेट देर तक भरा रहता है। इससे बार-बार मीठा खाने की इच्छा कम होती है। दाल, पनीर, अंडा, ओट्स और फल-सब्जियों को डाइट में जरूर शामिल करें।

मीठे की जगह नेचुरल ऑप्शन चुनें: जब मीठा खाने का मन करे, तो रिफाइंड शुगर की जगह फल, खजूर या गुड़ का छोटा सा टुकड़ा लें। इससे स्वाद भी मिलेगा और शरीर को नुकसान भी कम होगा।

पानी और हर्बल ड्रिंक पिएं: कई बार शरीर मीठा नहीं, बल्कि पानी मांग रहा होता है। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। दालचीनी या सौंफ की चाय भी मीठे की क्रेविंग को कम करने में मदद करती है।

नींद पूरी लें: नींद पूरी न होने पर शरीर एनर्जी के लिए मीठे की मांग करता है। रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेने से हार्मोन बैलेंस रहता है और क्रेविंग अपने आप घटने लगती है।

स्ट्रेस को करें कंट्रोल: तनाव के समय मीठा खाने की इच्छा ज्यादा होती है। योग, वॉक, म्यूजिक या मेडिटेशन से स्ट्रेस कम करें, इससे मीठे पर निर्भरता भी घटेगी।

धीरे-धीरे कम करें, अचानक नहीं: मीठा एकदम छोड़ने की कोशिश न करें। मात्रा धीरे-धीरे कम करें, ताकि शरीर को एडजस्ट होने का समय मिल सके और क्रेविंग दोबारा न बढ़े।

(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)

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(लेखक:कीर्ति)

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