जीरा-अजवाइन पाउडर के फायदे: पेट के लिए है रामबाण, 6 लाभ मिलेंगे, जानें इस्तेमाल का तरीका
Jeera Ajwain Powder: जीरा और अजवाइन का पाउडर सेहत के लिए बहुत लाभकारी होता है। खासतौर पर पेट से जुड़ी समस्याओं में रामबाण की तरह काम कर सकता है।
जीरा-अजवाइन पाउडर डाइजेशन को दुरुस्त करता है।
Jeera Ajwain Powder: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी, गलत खानपान और अनियमित दिनचर्या का सीधा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है। गैस, अपच, पेट दर्द और एसिडिटी जैसी समस्याएं अब आम हो चुकी हैं। ऐसे में लोग दवाइयों के बजाय घरेलू और आयुर्वेदिक नुस्खों की ओर रुख कर रहे हैं, जो सुरक्षित होने के साथ असरदार भी हों।
भारतीय रसोई में मौजूद जीरा और अजवाइन सदियों से पाचन के लिए इस्तेमाल किए जाते रहे हैं। जब इन दोनों को मिलाकर पाउडर बनाया जाता है, तो यह पेट से जुड़ी कई परेशानियों के लिए रामबाण साबित होता है। आइए जानते हैं जीरा-अजवाइन पाउडर के बड़े फायदे और इस्तेमाल करने का सही तरीका।
जीरा अजवाइन पाउडर के 6 बड़े फायदे
गैस और अपच में राहत: जीरा-अजवाइन पाउडर पेट में जमी गैस को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके सेवन से अपच, भारीपन और पेट फूलने की समस्या में तेजी से आराम मिलता है।
एसिडिटी और जलन को करे कम: अजवाइन में मौजूद थाइमोल तत्व पेट में बनने वाले अतिरिक्त एसिड को संतुलित करता है। इससे सीने में जलन और खट्टी डकारों से राहत मिलती है।
पाचन तंत्र को बनाए मजबूत: यह पाउडर पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे खाना जल्दी और सही तरीके से पचता है। नियमित सेवन से कब्ज की समस्या भी कम हो सकती है।
पेट दर्द में फायदेमंद: हल्का पेट दर्द या ऐंठन होने पर जीरा-अजवाइन पाउडर असरदार माना जाता है। इसके एंटी-स्पास्मोडिक गुण दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
वजन कंट्रोल में सहायक: अच्छा पाचन वजन कंट्रोल के लिए जरूरी है। जीरा-अजवाइन पाउडर मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है, जिससे वजन संतुलन में मदद मिलती है।
इम्युनिटी को भी देता है सपोर्ट: जीरा और अजवाइन दोनों में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक होते हैं।
जीरा-अजवाइन पाउडर बनाने का तरीका
बराबर मात्रा में जीरा और अजवाइन लें। इन्हें धीमी आंच पर हल्का भून लें। ठंडा होने पर मिक्सी में पीसकर एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें।
इस्तेमाल करने का सही तरीका
आधा टीस्पून जीरा-अजवाइन पाउडर को गुनगुने पानी के साथ भोजन के बाद लें। चाहें तो इसे छाछ या दही में मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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(लेखक:कीर्ति)