Knee Health: 60 की उम्र के बाद भी घुटने रहेंगे मजबूत! इन 5 एक्सरसाइज़ को रूटीन में करें शामिल
Knee Health: उम्र बढ़ने के साथ घुटनों में दर्द होने की समस्या आम हो जाती है। इस परेशानी से बचने के लिए कुछ एक्सरसाइज़ मददगार हो सकती हैं।
घुटनों को मजबूत बनाने के आसान एक्सरसाइज़।
Knee Health: 60 की उम्र पार करते ही ज्यादातर लोगों को घुटनों में दर्द, जकड़न और चलने-फिरने में परेशानी होने लगती है। सीढ़ियां चढ़ना, लंबे समय तक खड़ा रहना या थोड़ी दूरी चलना भी चुनौती बन जाता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सही एक्सरसाइज़ को रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करके इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
फिटनेस एक्सपर्ट मानते हैं कि उम्र के साथ घुटनों की मांसपेशियां कमजोर होती हैं, लेकिन हल्की और सही एक्सरसाइज़ इन्हें फिर से मजबूत बना सकती हैं। खास बात यह है कि इन एक्सरसाइज़ के लिए जिम जाने की जरूरत नहीं, आप इन्हें घर पर ही आसानी से कर सकते हैं।
इन 5 एक्सरसाइज़ से घुटने रहेंगे मजबूत
लेग स्ट्रेच एक्सरसाइज़: यह एक्सरसाइज़ घुटनों के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है। जमीन या कुर्सी पर सीधा बैठकर एक पैर आगे फैलाएं और कुछ सेकंड तक होल्ड करें। फिर पैर बदलें। इससे घुटनों की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और दर्द में राहत मिलती है।
सीटेड लेग लिफ्ट: कुर्सी पर बैठकर धीरे-धीरे एक पैर सीधा उठाएं और 5-10 सेकंड तक रोकें। फिर नीचे रखें। यह एक्सरसाइज़ जांघ और घुटनों को सपोर्ट देने वाली मसल्स को मजबूत करती है, जिससे चलने में आसानी होती है।
वॉल स्क्वैट: दीवार के सहारे खड़े होकर धीरे-धीरे बैठने की पोजीशन में आएं और कुछ सेकंड रुकें। यह एक्सरसाइज़ घुटनों के साथ-साथ कमर और जांघों के लिए भी फायदेमंद है। शुरुआत में ज्यादा नीचे न जाएं।
हील रेज़ एक्सरसाइज़: सीधे खड़े होकर एड़ियों को ऊपर उठाएं और फिर धीरे-धीरे नीचे लाएं। यह एक्सरसाइज़ पैरों के संतुलन को सुधारती है और घुटनों पर पड़ने वाले दबाव को कम करती है।
हल्की वॉकिंग: रोज 20-30 मिनट की हल्की वॉकिंग घुटनों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यह ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करती है और जॉइंट्स को एक्टिव रखती है। ध्यान रखें कि आरामदायक जूते पहनकर ही वॉक करें।
जरूरी सावधानियां
एक्सरसाइज़ शुरू करने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग जरूर करें। अगर घुटनों में ज्यादा दर्द या सूजन हो, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। किसी भी एक्सरसाइज़ को जबरदस्ती न करें और धीरे-धीरे अपनी क्षमता बढ़ाएं।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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