Bottle Gourd Plantation: घर में भी आसानी से उगा सकते हैं लौकी, बस अपनाने होंगे ये आसान गार्डनिंग टिप्स
Bottle Gourd Plantation: आप अगर होम गार्डनिंग के शौकीन हैं तो घर पर आसानी से लौकी उगा सकते हैं। जानते हैं इसके लिए सिंपल गार्डनिंग टिप्स।
घर में लौकी उगाने का तरीका।
Bottle Gourd Plantation: महंगाई के इस दौर में ताजी और केमिकल-फ्री सब्जियां हर कोई चाहता है। अगर आप भी घर पर उगाई गई हेल्दी सब्जी खाना चाहते हैं, तो लौकी एक बेहतरीन विकल्प है। कम जगह, कम खर्च और थोड़ी सी देखभाल से आप घर में ही हरी-ताजी लौकी उगा सकते हैं।
लौकी न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद होती है, बल्कि इसे उगाना भी काफी आसान है। चाहे आपके पास छत हो, बालकनी हो या छोटा सा आंगन सही गार्डनिंग टिप्स अपनाकर आप साल भर लौकी की अच्छी पैदावार ले सकते हैं।
घर में लौकी लगाने का तरीका
सही बीज का करें चुनाव: लौकी उगाने की शुरुआत अच्छे और स्वस्थ बीज से होती है। बाजार से हाइब्रिड या देसी बीज ले सकते हैं। बोने से पहले बीजों को 8–10 घंटे पानी में भिगो दें, इससे अंकुरण तेजी से होता है और पौधा मजबूत बनता है।
मिट्टी और गमले की तैयारी: लौकी के लिए भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी जरूरी होती है। मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट मिलाएं। गमला या ग्रो बैग कम से कम 15–18 इंच गहरा होना चाहिए, ताकि जड़ें अच्छे से फैल सकें।
सही समय पर करें बुवाई: लौकी गर्म मौसम की सब्जी है, इसलिए इसे फरवरी–मार्च या जून–जुलाई में बोना सबसे अच्छा रहता है। बीज को मिट्टी में 1-1.5 इंच गहराई में लगाएं और हल्का पानी दें। 7-10 दिनों में पौधा निकलने लगता है।
धूप और पानी का रखें ध्यान: लौकी के पौधे को रोजाना 5-6 घंटे की धूप चाहिए। मिट्टी हमेशा हल्की नम रखें, लेकिन ज्यादा पानी देने से बचें। अधिक पानी से जड़ें सड़ सकती हैं और पौधा खराब हो सकता है।
सहारे की करें व्यवस्था: लौकी बेल वाली सब्जी है, इसलिए उसे बढ़ने के लिए सहारा देना जरूरी होता है। आप लकड़ी, तार या जाली का सहारा दे सकते हैं। इससे फल जमीन को नहीं छुएंगे और सड़ने से बचेंगे।
खाद और देखभाल: हर 15 दिन में जैविक खाद डालते रहें। नीम खली या गोबर की खाद पौधे की ग्रोथ को बेहतर बनाती है। कीटों से बचाव के लिए नीम तेल का छिड़काव करें, इससे पौधा स्वस्थ रहेगा।
सही समय पर करें तुड़ाई: लौकी को ज्यादा बड़ा होने से पहले तोड़ लें। मध्यम आकार की लौकी स्वाद में बेहतर होती है और पौधे पर नई लौकी आने की संभावना भी बढ़ती है।
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