शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी: एक बयान से सेंसेक्स डे-लो से 700 अंक उछला, निफ्टी भी 25700 के पार
stock market recovery: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई लेकिन दोपहर होते-होते जबरदस्त रिकवरी हुई। अमेरिका के राजदूत के ट्रेड डील बयान से बाजार का मूड बदल गया। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 700 अंक उछला।
अमेरिकी राजदूत के बयान से भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी आई।
stock market recovery: भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। दिन की शुरुआत में भारी गिरावट के बाद बाजार ने अचानक रफ्तार पकड़ी और सेंसेक्स अपने निचले स्तर से करीब 700 अंकों की छलांग लगाकर बंद होने की ओर बढ़ा। इस तेज वापसी की सबसे बड़ी वजह भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आई सकारात्मक कमेंट रहा।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 715.17 अंक यानी करीब 0.85 फीसदी टूटकर 82861.07 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी भी 25500 के अहम स्तर से नीचे फिसलकर 25473.40 तक आ गया था। बाजार में डर का माहौल दिख रहा था और निवेशक सतर्क नजर आ रहे थे।लेकिन तस्वीर तब बदली, जब भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बयान दिया।
गोर ने कहा कि दोनों देश ट्रेड डील को लेकर लगातार बातचीत कर रहे और इस पर अगली अहम चर्चा मंगलवार को होगी। उनके इस बयान के बाद बाजार का सेंटिमेंट तेजी से बदला।बयान आते ही निवेशकों में भरोसा लौटा और खरीदारी शुरू हो गई। नतीजा यह रहा कि सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 600 से ज्यादा अंक उछलकर करीब 83600 के पार पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी मजबूत होकर लगभग 25720 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
बाजार में रिकवरी की बड़ी वजहें
1 भारत-अमेरिका ट्रेड डील की उम्मीदें: मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सर्जियो गोर के बयान से भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर उम्मीदें मजबूत हुई। इससे निवेशकों को भरोसा मिला कि आने वाले समय में व्यापारिक रिश्तों में सुधार हो सकता। गोर ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले एक-दो साल में भारत दौरे पर आ सकते हैं, जिससे माहौल और सकारात्मक हुआ।
2 वैल्यू बायिंग का सपोर्ट: पिछले हफ्ते बाजार में लगातार पांच सत्रों तक गिरावट देखने को मिली थी। ऐसे में सोमवार को निचले स्तरों पर वैल्यू बायिंग देखने को मिली, जिसने बाजार को सहारा दिया।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से बाजार पर कई दबाव थे। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, मुनाफावसूली, भारतीय निर्यात पर अतिरिक्त अमेरिकी टैरिफ की आशंका और भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार को कमजोर किया था। लेकिन सोमवार की रिकवरी ने साफ कर दिया कि सकारात्मक संकेत मिलते ही बाजार तेजी से पलट सकता है।
(प्रियंका कुमारी)