Share Market Today: सेंसेक्स 403 अंक टूटा, निफ्टी 25,595 से नीचे, सभी सेक्टर्स में गिरावट

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी है। सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा टूटा है और निफ्टी 25,600 के नीचे फिसल गया है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई, जबकि India VIX में उछाल से बाजार की अस्थिरता बढ़ी है। पढ़ें आज के शेयर बाजार की पूरी स्थिति।

Updated On 2026-01-12 10:14:00 IST
भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट।

Share Market Today, 12 January: भारतीय शेयर बाजार में आज भी कमजोरी का असर साफ दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत से ही बिकवाली का माहौल रहा, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सेंसेक्स 9:46 बजे तक 403.09 अंक या 0.48% गिरकर 83,173.15 के स्तर पर आ गया है, जबकि एनएसई का निफ्टी 87.55 अंक या 0.34% गिरावट के साथ 25,595.75 पर ट्रेड कर रहा है। यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। बाजार में गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है। मिडकैप सूचकांक में करीब एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि स्मॉलकैप शेयरों में और ज्यादा कमजोरी दिखी। इस गिरावट के बाद बीएसई का मार्केट कैप लगभग 465.92 लाख करोड़ या 5.17 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया है।

इसका मतलब यह है कि निवेशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर पड़ रहा है और वे छोटे व मध्यम आकार की कंपनियों से दूरी बना रहे हैं। आम तौर पर जब बाजार में डर का माहौल होता है, तो निवेशक पहले स्मॉलकैप और मिडकैप से पैसा निकालते हैं। सेक्टोरल स्तर पर देखा जाए तो लगभग सभी क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव रहा। केवल मेटल सेक्टर ही ऐसा रहा जिसने कुछ हद तक मजबूती दिखाई, जबकि बाकी सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, आईटी और हेल्थकेयर जैसे अहम क्षेत्रों में कमजोरी से बाजार की समग्र धारणा और ज्यादा नकारात्मक हो गई। इससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल बाजार को सहारा देने वाला कोई मजबूत सेक्टर मौजूद नहीं है। इंडिया VIX में करीब 8 प्रतिशत की तेजी भी चिंता बढ़ाने वाली है। यह सूचकांक बाजार की अस्थिरता और निवेशकों के डर को दिखाता है। VIX में उछाल का मतलब है कि आने वाले दिनों में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे समय में निवेशक आमतौर पर सतर्क रुख अपनाते हैं और बड़े फैसले लेने से बचते हैं।

बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही। गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से कहीं ज्यादा रही, जिससे यह साफ होता है कि बिकवाली व्यापक स्तर पर फैली हुई है। बड़ी संख्या में शेयर अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर के करीब या उस स्तर को छूते नजर आए, जो बाजार की कमजोरी को और पुख्ता करता है। वहीं, सीमित संख्या में ही ऐसे शेयर रहे जो ऊपरी सर्किट या नए उच्च स्तर पर पहुंचे। कुल मिलाकर, मौजूदा हालात यह बताते हैं कि निवेशक फिलहाल जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं। वैश्विक संकेतों, घरेलू आर्थिक आंकड़ों और आने वाली नीतिगत घटनाओं को लेकर सतर्कता बनी हुई है। जब तक बाजार को कोई ठोस सकारात्मक संकेत नहीं मिलता, तब तक इस तरह की उतार-चढ़ाव भरी चाल जारी रह सकती है। ऐसे माहौल में विशेषज्ञ आम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे जल्दबाजी में फैसले न लें, अपने निवेश लक्ष्यों पर ध्यान दें और मजबूत बुनियादी आधार वाले शेयरों पर ही भरोसा बनाए रखें।

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