Stock Market: 7 हफ्तों में सेंसेक्स 3800 अंक टूटा, निफ्टी 4% फिसला; क्या SIP रोक देनी चाहिए? जानें एक्सपर्ट्स की राय
Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार के दिन भारी गिरावट हुई। बीते कुछ हफ्तों में देखें तो सेंसेक्स 3800 अंक गिर चुका है जबकि निफ्टी भी 4 फीसदी टूटा है। ऐसे में निवेशकों के सामने सवाल है कि क्या एसआईपी में निवेश जारी रखना चाहिए या नहीं।
पिछले करीब सात हफ्तों में सेंसेक्स लगभग 3800 अंक लुढ़क चुका है। ऐसे में एसआईपी का क्या करें।
Stock Market: भारतीय शेयर बाजार ने हाल के हफ्तों में निवेशकों की धड़कनें तेज कर द। लाइफटाइम हाई छूने के बाद अब बाजार में तेज गिरावट देखने को मिल रही। पिछले करीब सात हफ्तों में सेंसेक्स लगभग 3800 अंक लुढ़क चुका है जबकि निफ्टी अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 4 फीसदी नीचे आ गया। ऐसे में एसआईपी निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अभी SIP रोक देनी चाहिए?
आंकड़ों पर नजर डालें तो निफ्टी 50 ने 5 जनवरी को 26373.2 का ऑल-टाइम हाई बनाया था। इसके बाद इसमें करीब 1100 अंकों की गिरावट आ चुकी है। वहीं सेंसेक्स 1 दिसंबर को 86159.02 के शिखर पर था और वहां से अब तक करीब 3800 अंक टूट चुका है। 20 जनवरी को निफ्टी 353 अंक गिरकर 25232.50 पर बंद हुआ जबकि सेंसेक्स 1066 अंक फिसलकर 82180.47 पर आ गया।
एसआईपी निवेशकों को क्या करना चाहिए?
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय इस पर काफी हद तक एक जैसी है- एसआईपी बंद करना समझदारी नहीं है। मास्टर कैपिटल सर्विसेज के डायरेक्टर गुरमीत सिंह चावला कहते हैं कि गिरते बाजार में एसआईपी की असली ताकत सामने आती है। कम स्तरों पर निवेश से ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, जिससे लंबे समय में रिटर्न बेहतर होता। उनका मानना है कि बाजार के स्थिर होने का इंतजार करने से अक्सर अच्छे मौके हाथ से निकल जाते।
हाई के बाद करेक्शन आना आम
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लाइफटाइम हाई के बाद करेक्शन आना निवेश चक्र का हिस्सा है। शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव परेशान कर सकता है लेकिन लंबे समय के निवेशकों को परफेक्ट बॉटम पकड़ने की कोशिश से बचना चाहिए। एसआईपी जारी रखना ही सही रास्ता है।
गिरावट में एसआईपी बंद करना सही नहीं
आनंद राठी वेल्थ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अर्जुन गुहा ठाकुरता के मुताबिक मौजूदा गिरावट बड़ी करेक्शन नहीं है। वह सलाह देते हैं कि मौजूदा एसआईपी न रोकें और अगर संभव हो तो स्टेप-अप SIP पर विचार करें। बजट से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है लेकिन एसआईपी निवेशकों के लिए यही असली फायदा देता है। SIP रोकना अक्सर लंबी अवधि में नुकसान पहुंचाता है। मजबूत बुल मार्केट में भी 10 से 15 फीसदी तक करेक्शन सामान्य है और अनुशासित निवेश ही लंबी दौड़ में संपत्ति बनाता है।
गिरते बाजार में घबराने के बजाय धैर्य रखें और एसआईपी जारी रखें और अपने लक्ष्य व जोखिम क्षमता के हिसाब से निवेश करते रहें।
(प्रियंका कुमारी)