SIP Lumsum: 20 लाख का लंपसम निवेश, क्या सिर्फ समय ही बना सकता है करोड़ों की दौलत?
SIP Lumsum: 20 लाख का लंपसम निवेश समय के साथ बड़ा फंड बना सकता है। 20 साल में यही रकम करीब 1.9 करोड़ तक पहुंच सकती है।
Rs 20 Lakh Lump Sum
SIP Lumsum: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है क्या एकमुश्त (लंपसम) निवेश करके लंबे समय में बड़ा फंड बनाया जा सकता है? खासकर तब, जब रकम 20 लाख जैसी बड़ी हो। एक्सपर्ट्स की मानें तो जवाब सीधा है, हां लेकिन शर्त है धैर्य और समय।
म्यूचुअल फंड में लंपसम निवेश अगर सही एसेट में और लंबे समय के लिए किया जाए, तो यह वेल्थ क्रिएशन की मजबूत नींव बन सकता। बाजार को टाइम करने के बजाय अगर निवेशक उतार-चढ़ाव के दौर में भी निवेश बनाए रखते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत उन्हें बड़ा फायदा देती है।
अक्सर बाजार में अनिश्चितता के समय निवेशक भावनात्मक फैसले ले लेते हैं और बीच में ही निवेश तोड़ देती। यही सबसे बड़ी गलती साबित होती है। जिन निवेशकों ने जोखिम को समझकर, सही एसेट एलोकेशन के साथ धैर्य रखा, उन्हें समय ने शानदार रिटर्न दिया है।
मान लीजिए कोई निवेशक 20 लाख की रकम म्यूचुअल फंड में एकमुश्त लगाता और उसे छेड़ता नहीं। अगर निवेश अवधि 10 साल रखी जाए और औसतन 12% सालाना रिटर्न मानें, तो यह रकम करीब 62 लाख तक पहुंच सकती है। इसमें लगभग 42 लाख सिर्फ रिटर्न के होते हैं। लेकिन असली खेल तब शुरू होता है, जब समय को और लंबा किया जाए। अगर यही 20 लाख 20 साल तक निवेश में बने रहें, तो 12% के अनुमानित रिटर्न पर यह रकम करीब 1.93 करोड़ हो सकती है। यानी मूल निवेश से लगभग 10 गुना। यही कंपाउंडिंग की असली ताकत है, जहां समय सबसे बड़ा हथियार बन जाता है।
हालांकि, इतना बड़ा लंपसम निवेश करने से पहले कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। ग्लोबल इकोनॉमी, जियोपॉलिटिकल तनाव, युद्ध या मंदी जैसे फैक्टर बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए यह तय करना जरूरी है कि कुल पोर्टफोलियो का कितना हिस्सा लंपसम निवेश में डाला जाए।
चूंकि रकम बड़ी होती है, इसलिए इसे पूरा समय देना भी जरूरी है। अगर बीच में पैसों की जरूरत पड़ जाए और निवेश जल्द निकालना पड़े, तो संभावित रिटर्न पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि शॉर्ट और मीडियम टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग पहले से करना जरूरी है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इतने बड़े लंपसम निवेश से पहले किसी फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें, ताकि जोखिम कम हो और रिटर्न की संभावनाएं बेहतर बन सकें।
(प्रियंका कुमारी)