Closing Bell: सेंसेक्स 300 अंक गिरा...निफ्टी भी 25600 से नीचे; क्यों शेयर बाजार में आई तेज गिरावट
Closing Bell: कमजोर ग्लोबल संकेतों से सोमवार को सेंसेक्स 324 और निफ्टी 109 अंक गिर गया। ट्रंप के टैरिफ बयान, एफआईआई बिकवाली और कमजोर नतीजों से बाजार दबाव में आ गया।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को क्यों गिरावट आई।
Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कमजोरी देखने को मिली। कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कुछ बड़ी कंपनियों के निराशाजनक तिमाही नतीजों ने निवेशकों का मूड बिगाड़ दिया। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए।
सेंसेक्स 324.17 अंक यानी 0.39 फीसदी गिरकर 83246.18 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 108.85 अंक या 0.42 फीसदी टूटकर 25585.50 के स्तर पर आ गया और अहम 25600 का स्तर नहीं बचा सका। निफ्टी के टॉप लूजर्स में विप्रो, टाटा मोटर्स पीवी, आईसीआईसीआई बैंक और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के 4 बड़े कारण
नेगेटिव ग्लोबल संकेत: दुनियाभर के बाजारों में हलचल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ बयान से ट्रेड वॉर की आशंका फिर बढ़ गई। ट्रंप ने डेनमार्क, जर्मनी, फ्रांस समेत 8 यूरोपीय देशों पर 1 फरवरी से 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी दी, जो जून तक 25% हो सकती। इसका असर यूरोपीय और एशियाई बाजारों पर पड़ा। यूरोप के डैक्स और EUROSTOXX 50 फ्यूचर्स करीब 1% गिरे जबकि जापान का निक्केई भी 1% फिसला।
फेड चेयर को लेकर अनिश्चितता: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले चेयर को लेकर सस्पेंस भी बाजार पर भारी पड़ा। ट्रंप के बयान के बाद यह साफ नहीं है कि केविन हैसेट को यह जिम्मेदारी मिलेगी या नहीं। इससे ब्याज दरों में कटौती को लेकर उम्मीदें कमजोर हुईं और ग्लोबल सेंटिमेंट पर असर पड़ा।
इंडिया VIX में उछाल: बाजार की घबराहट बढ़ी है। इंडिया विक्स 5% से ज्यादा चढ़कर 11.98 पर पहुंच गया, जो निवेशकों की सतर्कता को दिखाता है।
एफआईआई की लगातार बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार नौवें सत्र में बिकवाल रहे। शुक्रवार को ही उन्होंने 4,346 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। जनवरी में अब तक FII करीब 22,500 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं।
आईटी सेक्टर पर खास दबाव दिखा। विप्रो के कमजोर आउटलुक के चलते शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिरा और पूरा आईटी इंडेक्स करीब 1% टूट गया। आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी ज्यादा प्रावधानों के कारण करीब 3% फिसले।
तकनीकी तौर पर निफ्टी में कमजोरी दिख रही है। 25875 और 26000 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस है जबकि 25600 और 25450 अहम सपोर्ट माने जा रहे हैं। फिलहाल बाजार सतर्क मोड में है और ग्लोबल घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
(प्रियंका कुमारी)