Bharat Coking Coal Share: भारत कोकिंग कोल की बाजार में धमाकेदार एंट्री, आईपीओ प्राइस से 96% प्रीमियम पर लिस्टिंग

Bharat Coking Coal Share: भारत कोकिंग कोल के शेयर 96 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए हैं। आईपीओ को 147 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी नजर आई।

Updated On 2026-01-19 12:49:00 IST

Bharat Coking Coal Share: भारत कोकिंग कोल की बाजार में शानदार एंट्री।  

Bharat Coking Coal Share: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने शेयर बाजार में कदम रखते ही निवेशकों को बड़ा मुनाफा दे दिया। सोमवार को कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बीएसई दोनों पर करीब 96 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। जबरदस्त सब्सक्रिप्शन और मजबूत डिमांड के बाद यह लिस्टिंग बाजार की उम्मीदों से भी आगे रही।

एनएसई पर भारत कोकिंग कोल के शेयर 45 रुपये पर लिस्ट हुए, जो इसके आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड 23 रुपये से 95.65 फीसदी ज्यादा। वहीं, बीएसई पर शेयर 45.21 रुपये पर खुले, यानी 96.57 फीसदी का प्रीमियम। लिस्टिंग के बाद कंपनी का कुल मार्केट कैप 21054.30 करोड़ रुपये पहुंच गया।

1071 करोड़ रुपये का यह आईपीओ 9 से 13 जनवरी के बीच खुला था और इसे निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। इश्यू को कुल 147 गुना सब्सक्राइब किया गया। खास बात यह रही कि बोली खुलते ही कुछ ही मिनटों में आईपीओ पूरी तरह भर गया था। इससे पहले कंपनी एंकर निवेशकों से करीब 273 करोड़ रुपये जुटा चुकी थी।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी मजबूत लिस्टिंग के बाद निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए हैं, वे अपने होल्डिंग का एक हिस्सा मुनाफा बुक कर सकते और बाकी शेयर लॉन्ग टर्म के लिए रख सकते। वहीं जिन निवेशकों को अलॉटमेंट नहीं मिला है, उन्हें लिस्टिंग के दिन शेयर के पीछे भागने से बचना चाहिए, क्योंकि शुरुआती सत्रों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

भारत कोकिंग कोल की लिस्टिंग सरकार की कोल सेक्टर में विनिवेश योजना का हिस्सा है। इसका मकसद कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनियों में वैल्यू अनलॉक करना और बाजार के जरिए पारदर्शिता बढ़ाना है।

कंपनी की बात करें तो बीसीसीएल की स्थापना 1972 में हुई थी। यह मुख्य रूप से कोकिंग कोल के खनन और सप्लाई का काम करती है। इसके प्रमुख खदान झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोलफील्ड में स्थित हैं। स्टील इंडस्ट्री के लिए कोकिंग कोल की मांग को देखते हुए कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत माना जा रहा है।

BCCL का आईपीओ ऐसे समय में आया है, जब प्राइमरी मार्केट रिकॉर्ड प्रदर्शन कर रहा है। साल 2025 में कंपनियों ने IPO के जरिए करीब 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए, जो अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। मजबूत घरेलू लिक्विडिटी, निवेशकों का भरोसा और अनुकूल आर्थिक माहौल इस तेजी की बड़ी वजह रहे हैं। कुल मिलाकर, भारत कोकिंग कोल की लिस्टिंग ने निवेशकों को शानदार शुरुआत का मौका दिया है, लेकिन आगे की रणनीति सोच-समझकर बनाना जरूरी होगा।

(प्रियंका कुमारी)

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