आईटी सेक्टर में सुस्त भर्ती: साल के पहले 9 महीनों में टॉप कंपनियों का नेट हेड काउंट 613 घटा, आगे क्या होगा?

इस वित्तीय वर्ष के पहले 9 महीनों में टॉप आईटी कंपनियों का नेट हेडकाउंट 613 घटा। टीसीएस में सबसे बड़ी कटौती हुई। इंफोसिस और विप्रो ने सीमित भर्ती की। AI और स्पेशल स्किल्स की वजह से हायरिंग स्ट्रैटेजी बदली है।

Updated On 2026-01-17 13:49:00 IST

इस वित्तीय वर्ष के पहले 9 महीनों में टॉप आईटी कंपनियों का नेट हेडकाउंट 613 घटा।

IT Companies Hiring slowdown: भारत की बड़ी आईटी कंपनियों में इस वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों (9MFY26) के दौरान भर्ती का रुझान कमजोर रहा। देश की टॉप-5 आईटी सर्विस कंपनियों में से 3 ने दिसंबर तिमाही में नेट हेडकाउंट में गिरावट दर्ज की। कुल मिलाकर, इस अवधि में इन कंपनियों का संयुक्त नेट हेडकाउंट करीब 613 घट गया है, जो सेक्टर में बदलते दौर और एआई आधारित रणनीतियों की साफ झलक देता।

दिसंबर तिमाही में सबसे बड़ा झटका टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को लगा, जहां नेट आधार पर 11151 कर्मचारियों की कटौती हुई। इंफोसिस और विप्रो ने भले ही नई भर्तियां कीं लेकिन टीसीएस की बड़ी गिरावट ने पूरे सेक्टर के आंकड़ों को दबा दिया। एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा में भी या तो मामूली गिरावट या नेगेटिव ट्रेंड देखने को मिला।

पहले 9 महीनों की बात करें तो टीसीएस में कुल मिलाकर 25000 से ज्यादा कर्मचारियों की कमी आई। इसमें से करीब 7800 कर्मचारियों को कंपनी की ग्लोबल वर्कफोर्स रिव्यू के तहत रिलीज किया गया, जो कुल कर्मचारियों का करीब 2 फीसदी है। दूसरी ओर, इंफोसिस ने 13456 कर्मचारियों की भर्ती के साथ सबसे ज्यादा नेट हायरिंग की। विप्रो ने 8675, एचसीएल टेक ने करीब 2595 और टेक महिंद्रा ने 477 कर्मचारियों को जोड़ा।

अगर पिछले साल यानी पहले 9 महीनों से तुलना करें, तो टॉप-5 आईटी कंपनियों की हायरिंग में 105% से ज्यादा की गिरावट आई। यह साफ संकेत है कि सेक्टर अब बड़े पैमाने पर भर्तियों से हटकर चुनिंदा स्किल्स पर फोकस कर रहा।

दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ आईटी कंपनियां अपनी हायरिंग रणनीति बदल रही हैं। अब ज़ोर क्वालिटी ओवर क्वांटिटी पर है। TCS खुद को दुनिया की सबसे बड़ी AI-लीड टेक सर्विस कंपनी बनाने की दिशा में काम कर रही और साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड, एआई, डेटा और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस जैसे क्षेत्रों में स्पेशलिस्ट टैलेंट जोड़ रही है। कंपनी के CHRO सुदीप कुन्नुमल के मुताबिक, 50% से ज्यादा एक्सपीरियंस्ड हायरिंग अब नेक्स्ट-जेन स्किल्स के साथ हो रही।

एचसीएलटेक ने भी AI और डेटा स्किल्स वाले फ्रेशर्स के लिए सैलरी बढ़ाकर 18 से 22 लाख रुपये सालाना तक कर दी। इंफोसिस भी 2025 बैच के इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए ऑफ-कैंपस ड्राइव लाने की तैयारी में है, जिसमें 7 से 21 लाख रुपये तक के पैकेज दिए जाएंगे।

फ्रेशर हायरिंग की बात करें तो इंफोसिस फाइनेंशियल ईयर 2026 में 20 हजार फ्रेशर्स जोड़ने की राह पर है। टीसीएस का लक्ष्य करीब 42000 फ्रेशर्स को हायर करने का है जबकि विप्रो और एचसीएल टेक भी स्किल-बेस्ड हायरिंग पर फोकस कर रहे हैं। वहीं टेक महिंद्रा, जो FY27 तक टर्नअराउंड मोड में है, इस साल भर्तियों को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है। कुल मिलाकर, FY26 आईटी सेक्टर के लिए सुस्त भर्ती वाला साल बनता दिख रहा है, जहां एआई, ऑटोमेशन और प्रोडक्टिविटी गेन ने वर्कफोर्स की परिभाषा ही बदल दी। 

(प्रियंका कुमारी)

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