EPF का पैसा निकालना अब और आसान: UPI के जरिए सीधे बैंक खाते में आएगा पैसा, जानें कब से मिलेगी ये सुविधा

EPFO Withdrawal service: ईपीएफ का पैसा अब UPI से सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होगा। अप्रैल से नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इससे करीब 8 करोड़ सदस्यों को फायदा होगा।

Updated On 2026-01-17 14:34:00 IST

यूपीआई के जरिए ईपीओ से सीधे बैंक खाते में पैसा निकालने की सुविधा शुरू करने जा रहा।

EPFO Withdrawal service: करोड़ों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही यूपीआई के जरिए ईपीओ से सीधे बैंक खाते में पैसा निकालने की सुविधा शुरू करने जा रहा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल से इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है, जिससे करीब 8 करोड़ ईपीएफ सब्सक्राइबर्स को फायदा होगा।

नई व्यवस्था के तहत ईपीएफ खाते का एक हिस्सा सुरक्षित (फ्रोजन) रहेगा जबकि एक बड़ा हिस्सा निकासी के लिए उपलब्ध होगा। सदस्य अपने ईपीएफ खाते में लॉग इन करके साफ तौर पर देख पाएंगे कि कितनी रकम यूपीआई के जरिए ट्रांसफर की जा सकती है। पैसा सीधे उस बैंक खाते में जाएगा, जो ईपीएफ से लिंक और सीडेड होगा।

यूपीआई से ईपीएफ का पैसा खाते में आएगा

सूत्रों ने बताया कि ट्रांजैक्शन के लिए वही यूपीआई पिन इस्तेमाल होगा, जो आम डिजिटल पेमेंट में काम आता है। यानी प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और आसान होगी। खाते में पैसा आने के बाद सदस्य उसे जैसे चाहें इस्तेमाल कर सकते हैं- यूपीआई से पेमेंट, डेबिट कार्ड से, ATM से कैश निकालना या अन्य डिजिटल ट्रांजैक्शन।

हर साल ईपीएफओ 5 करोड़ क्लेम प्रोसेस करता

फिलहाल ईपीएफ से पैसा निकालने के लिए क्लेम फाइल करना पड़ता है, जिसमें समय लगता है और ईपीएफओ पर भी बोझ बढ़ता। EPFO हर साल करीब 5 करोड़ से ज्यादा क्लेम प्रोसेस करता है, जिनमें ज्यादातर ईपीएफ निकासी से जुड़े होते हैं। नई यूपीआई आधारित व्यवस्था का मकसद यही है कि लोगों को अपने ही पैसे के लिए क्लेम न करना पड़े।

हालांकि ईपीएफओ के पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं है, इसलिए सीधे ईपीएफ खाते से निकासी संभव नहीं है। इसी वजह से सरकार चाहती है कि ईपीएफओ की सेवाएं बैंकों जैसी हों, ताकि ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ बेहतर हो सके। ईपीएफओ इस प्रोजेक्ट से जुड़े सॉफ्टवेयर अपग्रेड पर काम कर रहा है ताकि सिस्टम बिना रुकावट चले।

8 करोड़ पीएफ खाता धारकों को फायदा होगा

अभी ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम के तहत एडवांस क्लेम तीन दिन के भीतर बिना मैनुअल दखल के निपट जाते। इसकी सीमा पहले 1 लाख थी, जिसे बढ़ाकर 5 लाख कर दिया गया है। बीमारी, पढ़ाई, शादी और मकान जैसे कामों के लिए इससे लोगों को तेज़ राहत मिलती है।

इसके अलावा EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ (CBT) ने अक्टूबर 2025 में आंशिक निकासी के नियमों को आसान बनाने को मंजूरी दी थी। 13 जटिल नियमों को मिलाकर अब तीन कैटेगरी बनाई गई हैं- जरूरी ज़रूरतें, हाउसिंग और खास परिस्थितियां। इसके तहत कर्मचारी अब योग्य बैलेंस का 100% तक निकाल सकेंगे। हालांकि खाते में कम से कम 25% रकम रखना जरूरी होगा, ताकि 8.25% सालाना ब्याज मिलता रहे और रिटायरमेंट फंड भी मजबूत बना रहे।

अधिकारियों का कहना है कि नियमों में ढील, जीरो डॉक्यूमेंटेशन और UPI सुविधा मिलकर EPF निकासी को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना देंगी।

(प्रियंका कुमारी)

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