गोल्ड बॉन्ड निवेशकों के लिए गुड न्यूज: आज मिल रहा समय से पहले एग्जिट, करीब तीन गुना हुआ पैसा

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020–21 Series X के निवेशकों को आज प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन का मौका। रिडेम्प्शन प्राइस 14130 रुपये होगा।

Updated On 2026-01-19 14:00:00 IST

अगर आपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 सीरीज में निवेश किया था तो उसे रिडीम कर सकते। 

SGB Gold bond redemption: अगर आपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 सीरीज x में निवेश किया था तो आज का दिन आपके लिए खास है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस ट्रॉन्च के लिए प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की सुविधा खोल दी है। यह बॉन्ड अपने इश्यू की तारीख से पांच साल पूरे कर चुका है, इसलिए निवेशक आज यानी 19 जनवरी 2026 को समय से पहले बाहर निकल सकते।

सरकारी नोटिफिकेशन (9 अक्टूबर 2020) के मुताबिक, SGB में पांचवें साल के बाद, ब्याज भुगतान की तारीख पर प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन की इजाजत होती है। उसी नियम के तहत आज यह मौका दिया गया है।

रिडेम्प्शन प्राइस कितना तय हुआ?

आरबीआई ने इस ट्रॉन्च के लिए रिडेम्प्शन प्राइस 14130 रुपये प्रति यूनिट तय किया। जबकि जनवरी 2021 में जब यह बॉन्ड जारी हुआ था, तब इसकी कीमत करीब 5117 रुपये प्रति यूनिट थी।

गोल्ड बॉन्ड की कीमत कैसे तय होती है?

SGB का रिडेम्प्शन प्राइस सोने की बाजार कीमत के आधार पर तय किया जाता है। इसके लिए 999 शुद्धता वाले सोने की पिछले तीन कारोबारी दिनों की क्लोजिंग कीमत का औसत लिया जाता है, जो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किया जाता है। इस बार 13, 14 और 16 जनवरी 2026 की गोल्ड कीमतों को आधार बनाया गया है। रिडेम्प्शन की रकम सीधे निवेशक के रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में जमा होगी।

निवेशकों को कितना फायदा हुआ?

जो निवेशक जनवरी 2021 में इस ट्रॉन्च में जुड़े थे, उनके लिए यह सौदा बेहद फायदे का साबित हुआ। करीब 9,000 रुपये प्रति यूनिट का सीधा मुनाफा, यानी लगभग 175% का रिटर्न सिर्फ गोल्ड प्राइस बढ़ने से मिला है। मतलब पांच साल में निवेश की वैल्यू करीब तीन गुना हो गई। इसके अलावा, निवेशकों को हर साल 2.5% ब्याज भी मिला, जो हर छह महीने में खाते में आया।

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी निवेशक ने उस वक्त 50000 रुपये लगाए थे, तो आज प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन पर उसे करीब 1.38 लाख रुपये मिलेंगे, ब्याज के अलावा।

क्या है गोल्ड बॉन्ड स्कीम?

सरकार ने यह स्कीम नवंबर 2015 में शुरू की थी। मकसद था फिजिकल गोल्ड की खरीद कम करना, आयात घटाना और लोगों की बचत को फाइनेंशियल सिस्टम से जोड़ना। SGB में निवेश पर गोल्ड की कीमत बढ़ने का फायदा तो मिलता ही है, साथ में तय ब्याज भी मिलता है।

टैक्स का क्या नियम है?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। लेकिन रिडेम्प्शन पर मिलने वाला कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स फ्री है। अगर बॉन्ड को एक्सचेंज पर बेचते हैं, तो इंडेक्सेशन का फायदा मिलता है।

(प्रियंका कुमारी)

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