Stock Market: सेंसेक्स 750 अंक टूटा, निफ्टी 25100 से नीचे; बाजार गिरने की 5 बड़ी वजहें

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से दबाव में आ गया । कमजोर नतीजे, कच्चे तेल की तेजी और भू-राजनीतिक चिंता बढ़ी के कारण सेंसेक्स करीब 700 अंक लुढ़क गया और निफ्टी भी 25100 से नीचे रहा।

Updated On 2026-01-23 15:12:00 IST

Indian stock market today: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शुरुआती बढ़त गंवा दी और दोपहर होते-होते जोरदार दबाव में आ गया। लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर संकेतों के बीच सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए।

सेंसेक्स ने दिन की शुरुआत मजबूती के साथ 82335.94 पर की और शुरुआती कारोबार में 82516.27 के उच्च स्तर तक पहुंचा। लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू होते ही बाजार की चाल पलट गई। दोपहर करीब 3 बजे सेंसेक्स 622 अंक यानी करीब 0.74 फीसदी की गिरावट के साथ 81699.77 पर कारोबार कर रहा था।

निफ्टी की हालत भी कुछ ऐसी ही रही। यह इंडेक्स 200-DMA के नीचे फिसलते हुए 25062 तक आ गया, जो 227.90 अंक या करीब 0.9 फीसदी की गिरावट है। दिन के दौरान निफ्टी ने 25347.95 का हाई और 25056.20 का लो बनाया लेकिन दिन खत्म होते-होते निफ्टी में थोड़ी रिकवरी हुई और ये 25100 के स्तर को पार कर गया।

निफ्टी 50 में इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस जैसे शेयरों में 3 फीसदी तक की गिरावट देखी गई। वहीं डॉ. रेड्डीज लैब्स और हिंदाल्को इंडस्ट्रीज 3 फीसदी तक चढ़े। बाजार की चौड़ाई कमजोर रही और करीब 1630 शेयर चढ़े और 1729 गिरे। 165 में कोई बदलाव नहीं हुआ।

बाजार गिरने की बड़ी वजहें क्या रहीं

FII की लगातार बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों का दबाव बाजार पर भारी पड़ रहा है। गुरुवार को एफआईआई ने 2549.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। जनवरी में यह 13वां लगातार सेशन रहा, जब विदेशी निवेशक नेट सेलर रहे। इस महीने एफआईआई सिर्फ 2 जनवरी को खरीदार बने थे।

कमजोर तिमाही नतीजे: आईसीआईसीआई बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी दिग्गज कंपनियों के अपेक्षा से कमजोर नतीजों ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी: ब्रेंट क्रूड 0.8 फीसदी चढ़कर 64.57 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। कच्चे तेल की महंगाई भारत के लिए ट्रेड डेफिसिट और महंगाई की चिंता बढ़ाती है, जिसका असर शेयर बाजार पर पड़ता।

भू-राजनीतिक अनिश्चितता: गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नरम बयानों से बाजार को थोड़ी राहत मिली थी लेकिन हफ्ते भर में अब भी करीब 1.5 फीसदी की कमजोरी बनी हुई है। यूरोप और अमेरिका के रिश्तों को लेकर लंबी अवधि की चिंताएं निवेशकों को सतर्क कर रही।

अडानी शेयरों में बिकवाली: अडानी ग्रुप के शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी SEC ने गौतम अडानी और सागर अडानी को कथित धोखाधड़ी और 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत मामले में समन भेजने की अनुमति मांगी है।

(प्रियंका कुमारी)

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