Foldable Steering: दुनिया का पहला फोल्डेबल स्टीयरिंग व्हील, ऑटोमैटिकली डैशबोर्ड में छिपेगा
यह स्टीयरिंग व्हील दो अलग-अलग मोड में काम करता है। मैनुअल मोड में यह बिल्कुल सामान्य स्टीयरिंग व्हील की तरह काम करता है, जिससे ड्राइवर को पूरी कंट्रोल मिलती है।
दुनिया का पहला फोल्डेबल स्टीयरिंग व्हील
Foldable Steering: ऑटोमोटिव तकनीक की दुनिया में एक बड़ा इनोवेशन सामने आया है। ऑटोलिव (Autoliv) और टेंसर (Tensor) ने मिलकर दुनिया का पहला फोल्डेबल स्टीयरिंग व्हील पेश किया है, जो ऑटोमैटिक ड्राइविंग मोड में अपने आप डैशबोर्ड के अंदर फोल्ड होकर छिप जाता है। यह तकनीक खास तौर पर ऑटोनॉमस यानी खुद चलने वाली कारों के लिए तैयार की गई है।
कैसे करता है काम
यह स्टीयरिंग व्हील दो अलग-अलग मोड में काम करता है। मैनुअल मोड में यह बिल्कुल सामान्य स्टीयरिंग व्हील की तरह काम करता है, जिससे ड्राइवर को पूरी कंट्रोल मिलती है। वहीं, जब गाड़ी ऑटोमैटिक मोड में जाती है, तो स्टीयरिंग व्हील अपने आप सिमटकर डैशबोर्ड में छिप जाता है। इससे ड्राइवर के सामने ज्यादा खुली जगह मिलती है।
कैबिन में मिलेगा लाउंज जैसा एहसास
अब तक स्टीयरिंग व्हील और पैडल्स की वजह से ड्राइवर स्पेस सीमित रहता था। फोल्डेबल स्टीयरिंग व्हील के छिपते ही कैबिन में पैर फैलाने और आराम से बैठने के लिए ज्यादा जगह मिलती है। कंपनी का दावा है कि इससे कार का इंटीरियर एक लाउंज या कमरे जैसा महसूस होगा, जहां यात्री सफर का पूरा आनंद ले सकते हैं।
सुरक्षा का भी रखा गया पूरा ध्यान
इस तकनीक के साथ सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा को लेकर था। ऑटोलिव ने इसका स्मार्ट समाधान दिया है। जब स्टीयरिंग बाहर होगा और इंसान गाड़ी चला रहा होगा, तब स्टीयरिंग में लगा एयरबैग एक्टिव रहेगा। वहीं, जब स्टीयरिंग फोल्ड होकर छिप जाएगा, तो डैशबोर्ड में लगा खास एयरबैग काम करेगा। कंपनी का कहना है कि दोनों ही स्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
कॉन्सेप्ट नहीं, प्रोडक्शन कार में आएगा
अक्सर ऐसी तकनीकें सिर्फ कॉन्सेप्ट कारों तक सीमित रहती हैं, लेकिन टेंसर इसे असल प्रोडक्शन कारों में लाने की तैयारी कर रहा है। यह सिस्टम Tensor Robocar में मिलेगा, जिसकी बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग 2026 की दूसरी छमाही में शुरू होने की उम्मीद है। इस कार को अमेरिका, यूरोप और मिडिल ईस्ट में लॉन्च किया जाएगा।
यह इनोवेशन दिखाता है कि भविष्य की कारों में सिर्फ सॉफ्टवेयर ही नहीं, बल्कि हार्डवेयर भी यात्रियों की जरूरतों के हिसाब से खुद को बदल सकेगा।
(मंजू कुमारी)