Bangladesh Election Result: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश संसदीय चुनाव में बीएनपी (BNP) की प्रचंड जीत पर तारिक रहमान को बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि यह जीत जनता के अटूट भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश का समर्थन जारी रखेगा और दोनों देशों के साझा विकास के लिए नई सरकार के साथ मिलकर काम करेगा।
25 साल बाद बीएनपी की ऐतिहासिक वापसी
बांग्लादेश में हुए 13वें आम चुनाव के नतीजे एक बड़े राजनीतिक बदलाव की गवाही दे रहे हैं। बीएनपी लगभग 25 साल बाद सत्ता में जोरदार वापसी कर रही है। ताजा रुझानों के अनुसार, बीएनपी गठबंधन ने 300 में से दो-तिहाई से अधिक सीटों पर कब्जा कर लिया है। अकेले बीएनपी 165 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि उसका सहयोगी दल जमात-ए-इस्लामी 62 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
PM Modi ने तारिक रहमान को दी जीत की बधाई
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Tarique Rahman को जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत Bangladesh की जनता के उनके नेतृत्व पर विश्वास को दर्शाती है।
I convey my warm congratulations to Mr. Tarique Rahman on leading BNP to a decisive victory in the Parliamentary elections in Bangladesh.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026
This victory shows the trust of the people of Bangladesh in your leadership.
India will continue to stand in support of a democratic,…
PM Modi ने अपने संदेश में कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी Bangladesh के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। साथ ही दोनों देशो के बीच बहुआयामी संबंधो को आगे बढ़ाने और साझा विकास लक्ष्यो पर मिलकर काम करने की इच्छा जताई।
तारिक रहमान का बढ़ा कद
इस चुनाव में तारिक रहमान सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरे हैं। उन्होंने बोगरा-6 और ढाका-17, दोनों ही निर्वाचन क्षेत्रों से बड़ी जीत दर्ज की है। वहीं, बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने भी ठाकुरगांव-1 सीट से करीब 2.5 लाख वोटों के भारी अंतर से बढ़त बनाकर सबको चौंका दिया है। अवामी लीग के लंबे शासन के बाद अब बांग्लादेश में बीएनपी के नेतृत्व वाली सरकार का गठन तय है।
कौन हैं तारिक रहमान?
तारिक रहमान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष हैं। वह बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बड़े बेटे हैं। तारिक रहमान का जन्म 1960 के दशक में हुआ था। वे शुरू से ही बीएनपी की राजनीति से जुड़े रहे और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।
2001 से 2006 के बीच जब खालिदा जिया प्रधानमंत्री थीं, तब तारिक रहमान को पार्टी के भीतर एक प्रभावशाली रणनीतिकार माना जाता था। 2007 में बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल और आपातकाल के दौरान तारिक रहमान पर भ्रष्टाचार और अन्य आरोप लगे। बाद में उन्हें सजा भी सुनाई गई। इसके बाद वे इलाज के लिए यूके चले गए और तब से वहीं रह रहे हैं। निर्वासन के दौरान वह लंदन से ही बीएनपी की गतिविधियों का संचालन करते रहे हैं।
BNP की यह जीत Bangladesh की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है। वहीं भारत ने साफ कर दिया है कि वह नई सरकार के साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंधो को और मजबूत करने के लिए तैयार है।











