Pete Hegseth on US Iran ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम के ऐलान के बाद अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बेहद आक्रामक बयान दिए हैं। पेंटागन में एक ब्रीफिंग के दौरान हेगसेथ ने दावा किया कि संघर्ष के दौरान अमेरिकी नेतृत्व ने पूरी तरह से बढ़त हासिल कर ली है। उन्होंने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के फैसलों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने संकट के समय में 'इतिहास रच दिया' है।
'ईरान का भाग्य अब हमारे वश में'
हेगसेथ ने स्पष्ट लहजे में कहा कि ईरान की नियति अब हमारे हाथों में है।" उन्होंने संकेत दिया कि भले ही सैन्य अभियानों को अभी रोक दिया गया है, लेकिन रणनीतिक और सैन्य मोर्चे पर वाशिंगटन का पलड़ा भारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम से पहले ही युद्ध के मैदान में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली थी, जिससे उन्हें मजबूती के साथ बातचीत करने का मौका मिला।
परमाणु हथियारों पर सख्त चेतावनी
वाशिंगटन के रुख को दोहराते हुए हेगसेथ ने दावा किया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि सीजफायर की शर्तें अमेरिका के सुरक्षा उद्देश्यों के पूरी तरह अनुरूप हैं। हेगसेथ ने यह भी कहा कि अगर कूटनीति विफल होती है, तो अमेरिका के पास ईरान की अर्थव्यवस्था और सैन्य शक्ति को पूरी तरह ध्वस्त करने के विकल्प हमेशा खुले हैं।
'ट्रंप ने दिखाया दया का भाव'
अमेरिकी रक्षा सचिव ने राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि उनके पास ईरान की अर्थव्यवस्था को कुचलने की पूरी शक्ति थी, लेकिन उन्होंने संयम का परिचय दिया। हेगसेथ के अनुसार, "राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर के जरिए कूटनीति को चुनकर दया दिखाई है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि आखिरी घंटों में लिए गए ट्रंप के फैसलों ने ही युद्ध की दिशा को बदला है।
पेंटागन ने इस सीजफायर को अमेरिका की एक 'निर्णायक सैन्य जीत' के रूप में पेश किया है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ने अपने लक्ष्य प्राप्त कर लिए हैं और अब गेंद ईरान के पाले में है। हालांकि, दुनिया भर के विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि दो हफ्ते का यह विराम स्थायी शांति में बदलता है या फिर तनाव दोबारा चरम पर पहुंचेगा।