तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान से एक बड़ी खबर सामने आई है। सोमवार को मोजतबा खामेनेई को आधिकारिक तौर पर ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है।
यह घोषणा पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में हुई मौत के नौ दिन बाद की गई है।
🔴 JUST IN | The moment Ayatollah Mojtaba Khamenei is announced as the third Leader of the Revolution in Vanak Square, Tehran pic.twitter.com/B57l288WB9
— Iran Military Media (@IRMilitaryMedia) March 8, 2026
ईरान के सरकारी मीडिया और मस्जिदों से इस ऐतिहासिक फैसले का ऐलान किया गया, जिसके बाद तेहरान की सड़कों पर लोगों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है।
It’s literally midnight in Iran, and the people of Iran are welcoming & celebrating the appointment of Seyyed Mojtaba Khamenei, accross the entire county.
— Arya Yadeghaar (@AryJeay) March 8, 2026
People chant:
“The blood in our veins is a gift to our leader.”
“We are the revenge seekers of the father, following the… pic.twitter.com/u0HIK76bqS
धार्मिक विशेषज्ञ सभा (Assembly of Experts) ने लगाई मुहर
मोजतबा खामेनेई के चयन की प्रक्रिया ईरान की ताकतवर 88 सदस्यीय 'धार्मिक विशेषज्ञ सभा' के माध्यम से पूरी की गई। सभा के आधिकारिक बयान में कहा गया कि 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान' के पवित्र सिस्टम के तीसरे लीडर के तौर पर निर्णायक वोट के आधार पर नियुक्त किया गया है।
गौरतलब है कि लगभग आधी सदी पहले हुई इस्लामी क्रांति के बाद से सर्वोच्च नेता के पद पर सत्ता का यह केवल दूसरा हस्तांतरण है।
कौन हैं मोजतबा खामेनेई और क्या है उनकी ताकत?
मोजतबा खामेनेई, दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। उनका जन्म 8 सितंबर 1969 को मशहद में हुआ था। वे धार्मिक शिक्षाओं में महारत रखने के साथ-साथ ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य शाखा 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर' (IRGC) में भी बेहद मजबूत पकड़ रखते हैं।
अब सुप्रीम लीडर बनने के बाद, वे IRGC के चीफ कमांडर भी होंगे और राज्य के सभी महत्वपूर्ण सैन्य व राजनीतिक मामलों पर अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा।
अतीत का रहस्य और रणनीतिक गठबंधन
मोजतबा खामेनेई के बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने साल 1999 में पूर्व ईरानी संसद स्पीकर गुलाम-अली हद्दाद-अदेल की बेटी 'जहरा हद्दाद-अदेल' से शादी की थी।
राजनीतिक जानकार इसे ईरान की व्यवस्था के भीतर एक मजबूत 'रणनीतिक गठबंधन' के रूप में देखते हैं। हालांकि, जहरा की मौत भी उसी अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में हुई थी, जिसमें उनके ससुर अली खामेनेई की जान गई।
ईरान के भीतर और बाहर से मिली प्रतिक्रियाएं
मोजतबा के सुप्रीम लीडर बनने पर IRGC ने तुरंत उन्हें बधाई दी और उनके प्रति अपनी वफादारी दोहराई है। लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह ने भी टेलीग्राम पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें 'इस्लामी क्रांति का नया नेता' बताया है।
हालांकि, ईरान के भीतर कुछ कट्टरपंथियों ने शुरुआत में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के नरम बयानों का विरोध किया था, जिसके बाद राष्ट्रपति ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि देश की युद्धनीति में कोई बदलाव नहीं होगा।
अमेरिका और डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी चेतावनी
मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विशेषकर अमेरिका में कड़ा विरोध देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि खामेनेई का बेटा उन्हें स्वीकार्य नहीं है।
ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि 'उनकी मंजूरी के बिना कोई भी नया नेता ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा' और वे चाहते हैं कि ईरान में कोई ऐसा व्यक्ति सत्ता में आए जो शांति और सौहार्द को बढ़ावा दे।










