देश में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर चल रही चिंता के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। ‘शिवालिक’ जहाज के बाद अब ‘नंदा देवी’ नाम का एक और भारतीय जहाज आज देश पहुंचने वाला है, जिससे गैस सप्लाई में सुधार की उम्मीद है।
ईरान सरकार की विशेष अनुमति से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर एलपीजी लेकर आया ‘शिवालिक’ जहाज सोमवार शाम Mundra Port पहुंच चुका है। देश में गैस की कमी को देखते हुए बंदरगाह पर इसकी सभी जरूरी प्रक्रियाएं पहले ही पूरी कर ली गई थीं, ताकि एलपीजी को तेजी से रिफाइनरी डिपो तक पहुंचाया जा सके।
आज पहुंचेगा ‘नंदा देवी’ जहाज
अब इसी कड़ी में ‘नंदा देवी’ जहाज मंगलवार को भारत के बंदरगाह पर पहुंचेगा। इसके अलावा यूएई से करीब 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर एक अन्य जहाज ‘जग लाडली’ भी आज ही आने वाला है। इन तीनों जहाजों के आने से देश में तेल और गैस आपूर्ति की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।
सरकार ने दी स्थिति की जानकारी
यह जानकारी बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। वहीं, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में एलपीजी की सप्लाई को लेकर चिंता जरूर है, लेकिन पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी जैसे ईंधनों की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन में करीब 36% की बढ़ोतरी की है, जिससे स्थिति को संभालने में मदद मिल रही है।
कमर्शियल LPG सप्लाई पर राज्यों को अधिकार
वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए एलपीजी की आपूर्ति फिलहाल थोड़ी अस्थिर बनी हुई है। इसको लेकर राज्यों को अपने स्तर पर फैसले लेने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ राज्यों ने स्थानीय जरूरत के हिसाब से होटल और उद्योगों को सीमित एलपीजी आवंटन शुरू भी कर दिया है।
कालाबाजारी सबसे बड़ी चुनौती
सरकार के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती एलपीजी की कालाबाजारी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकना है। इसके लिए केंद्र सरकार के मंत्रालय, तेल कंपनियां और राज्य सरकारें लगातार बैठकें कर रही हैं।
पिछले दो दिनों में असम, मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडर जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
होर्मुज में फंसे भारतीय जहाज
वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में अभी भी 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। पहले 24 जहाज इस क्षेत्र में फंसे थे, जिनमें से दो को ईरान ने सुरक्षित निकलने की अनुमति दी है। बाकी जहाजों को निकालने के लिए भारत और ईरान के बीच बातचीत जारी है।
विदेश नीति पर भारत का रुख
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत का कुछ सकारात्मक असर जरूर देखने को मिला है।
वहीं, भारत ने Donald Trump के उस प्रस्ताव पर ठंडा रुख अपनाया है, जिसमें होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने के लिए सैन्य सहयोग की बात कही गई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर भारत ने किसी देश के साथ द्विपक्षीय चर्चा नहीं की है।










