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मिडिल ईस्ट में जंग तेज होती जा रही है। इजरायल ने दावा किया कि खामेनेई को खत्म करने का फैसला तीन महीने पहले लिया गया था। उधर ईरान ने अमेरिका और इजरायल को ‘दर्दनाक प्रहार’ और लंबी जंग की धमकी दी है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को खत्म करने की योजना इजरायल ने तीन महीने पहले ही तैयार कर ली थी। वहीं दूसरी ओर, इस चोट से तिलमिलाया ईरान अब पीछे हटने को तैयार नहीं है और उसने अमेरिका व इजरायल को 'दर्दनाक प्रहार' के साथ एक लंबी और विनाशकारी जंग की चेतावनी दी है।

​नवंबर में ही तय हो गया था खामेनेई का भाग्य
​इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने खुलासा किया है कि पिछले साल नवंबर की शुरुआत में ही एक उच्च-स्तरीय और गोपनीय सुरक्षा बैठक के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खामेनेई को खत्म करने का रणनीतिक लक्ष्य स्थापित किया था।

​मूल रूप से इस मिशन को 2026 के मध्य तक पूरा करने की योजना थी।

​ईरान में चल रही घरेलू अशांति और तेहरान के बढ़ते दबाव को देखते हुए इजरायल ने वाशिंगटन के साथ रणनीति साझा की और जनवरी के आसपास इस ऑपरेशन को तेजी से आगे बढ़ाया।

आखिरकार 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' और 'एपिक फ्यूरी' के शुरुआती घंटों में खामेनेई को हवाई हमले में मार गिराया गया, जो किसी संप्रभु राष्ट्र के शीर्ष नेता की हत्या का अपनी तरह का पहला मामला है।

​ईरान की 'लंबे युद्ध' की हुंकार और गुप्त हथियारों का जखीरा
​ईरान ने साफ कर दिया है कि वह एक 'लंबी लड़ाई' के लिए पूरी तरह से तैयार है और अब वह अपने उन हथियारों को बाहर निकालेगा जिनका इस्तेमाल अभी तक नहीं हुआ है।

​इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि ईरान जल्द ही ऐसे उन्नत हथियार पेश करेगा, जिनसे दुश्मनों को गहरी चोट पहुँचेगी।

​ईरान के पास ऐसे सैन्य संसाधन हैं जिनका खुलासा अभी तक नहीं किया गया है और वे युद्ध का रुख मोड़ने की क्षमता रखते हैं।

​'दर्दनाक प्रहार' की चेतावनी: हमलों की नई लहर
​IRGC के ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि ईरान के दुश्मनों को आने वाले हमलों की नई लहर के लिए तैयार रहना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि ईरान पिछले साल अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए 12-दिवसीय युद्ध की तुलना में अब कहीं अधिक तैयार और संकल्पित है।

​कुवैत के जवान घायल और क्लस्टर बमों का कहर
​जंग की आग अब पड़ोसी देशों तक भी पहुँच रही है, जिससे व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा पैदा हो गया है।

कुवैत पर असर: ईरान के हालिया हमलों में कुवैत के 67 जवान घायल हो गए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।

क्लस्टर बमों का इस्तेमाल: रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर क्लस्टर बमों और कई बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है, जिससे भारी नुकसान की आशंका है।

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